जम्मू-कश्मीर के लोग सभ्य और अच्छा जीवन जीना चाहते हैं - लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस. राजू

"जिस तरह से दुनिया में कहीं भी लोग एक अच्छी और गुणवत्तापूर्ण जिंदगी चाहते हैं, वैसे ही यहां के लोग भी अच्छी जिंदगी चाहते हैं। घाटी में यह आम लोगों की आकांक्षा है।"

By: विकास गुप्ता

Published: 18 Oct 2020, 10:05 PM IST

श्रीनगर । जम्मू एवं कश्मीर में लोग किसी भी अन्य जगह की तरह ही एक सभ्य और गुणवत्तापूर्ण जिंदगी जीना चाहते हैं। यह बात कश्मीर में भारतीय सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस. राजू Lt Gen B.S. Raju ने कही। श्रीनगर मुख्यालय 15 कॉर्प्स की कमान संभालने वाले लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने कहा, "जिस तरह से दुनिया में कहीं भी लोग एक अच्छी और गुणवत्तापूर्ण जिंदगी चाहते हैं, वैसे ही यहां के लोग भी अच्छी जिंदगी चाहते हैं। घाटी में यह आम लोगों की आकांक्षा है।"


उन्होंने कहा कि यहां कुछ ओवर ग्राउंड वर्कर्स हैं, वे ऐसी चीजों से जुड़े हुए हैं जो सशस्त्र बलों के लिए अहितकर हैं। उन्होंने कहा, "ऐसे एक या दो प्रतिशत लोग इस एजेंडा को आगे बढ़ाते हैं। शांत आबादी इन छोटे समूहों की वजह से परेशानी झेलती है।" लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां लॉकडाउन लगाया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी नागरिक हताहत न हो।


उन्होंने कहा कि उसके बाद ऑल पार्टीज हुर्रियत कांफ्रेंस और अन्य अलगाववादी संगठनों ने बंद की घोषणा की। यहां थोड़ी बहुत आदेश की अवहेलना हुई। लेकिन दिसंबर तक चीजें खुल गईं और जाड़े में होने वाला पर्यटन जोर-शोर के साथ हुआ। गुलमर्ग में विदेशी समेत अकेले 500 से 700 पर्यटक आए थे। फरवरी से बच्चे स्कूल जाने लगे थे। यहां लोगों की गतिविधि उत्साहित करने वाली थी। लेकिन उसके बाद कोविड-19 लॉकडाउन शुरू हो गया।


लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने कहा, "हम सेना और आवामा के बीच गतिरोध को तोड़ना चाहते हैं। हम अपनी उपस्थिति में उन्हें सहज महसूस करते देखना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, "हम इस बाबत एक आउटरीच कार्यक्रम चला रहे हैं और हमें इसे बढ़ाने की जरूरत है।"

विकास गुप्ता
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