तेल की घटी कीमतों पर बोली कांग्रेस, पांच राज्यों में चुनावों से पहले डर गई मोदी सरकार

तेल की घटी कीमतों पर बोली कांग्रेस, पांच राज्यों में चुनावों से पहले डर गई मोदी सरकार

Chandra Prakash Chourasia | Publish: Oct, 04 2018 08:51:10 PM (IST) | Updated: Oct, 04 2018 08:51:11 PM (IST) New Delhi, Delhi, India

कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि तेल की लगातार बढ़ रही कीमतें जब हाथी जैसी विशाल बन गयी तो इसमें चींटी के बराबर कमी की गई है।

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ढाई रुपए प्रति लीटर की कटौती को एक ओर बीजेपी जनता के हितों का ख्याल रखने वाली सरकार का तोहफा बता रही है। दूसरी ओर कांग्रेस ने कहा कि ये महंगाई के घाव पर मरहम है। केंद्र का यह फैसला जनता के गुस्से से डरकर और पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर किया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार को लूट सरकार करार दिया और कहा कि जनता इस लूट का उसे उचित जवाब देगी।

सरकार बताए 13 लाख करोड़ कहां गए : सुरजेवाला

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुवार को कहा कि तेल की लगातार बढ़ रही कीमतें जब हाथी जैसी विशाल बन गयी तो इसमें चींटी के बराबर कमी की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह मालूम होना चाहिए देश की जनता को बहुत देर तक गुमराह नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी को बताना होगा कि विश्व बाजार से सस्ता तेल खरीदकर पिछले 52 माह के दौरान करीब 13 लाख करोड़ की जो जबरदस्त कमाई की गई है वह पैसा कहां गया और इसका हिसाब उसे जनता को देना पड़ेगा।

जनता के हितों के लिए संवेदनशील है मोदी सरकार, तभी कम हुए पेट्रोल-डीजल के दाम : अमित शाह

'नौ सौ चूहे खा के बिल्ली हज को चली'

सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने इतना मुनाफा कमाकर जिस तरह से तेल की दरें घटाई हैं उसका यह प्रयास गुमराह करने वाला और ‘नौ सौ चूहे खा के बिल्ली हज को चली’ वाली कहावत जैसा है। प्रवक्ता ने कहा कि मोदी सरकार को बताना होगा कि उसने इस दौरान किस आधार पर 12 बार पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क बढ़ाया है। इस दौरान पेट्रोल पर 211 प्रतिशत तथा डीजल पर 443 प्रतिशत शुल्क बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा जब मई 2014 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता से बाहर हुई तो उस समय पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क 9.23 रुपए प्रति लीटर था जो अब बढ़कर 19.48 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। इसी तरह से डीजल पर यह शुल्क 3.46 रुपए प्रति लीटर था जो अब 15.33 पैसा प्रति लीटर हो गया है। आश्चर्य की बात है कि देश में सरकार जिस तेल को 85 रुपए प्रति लीटर की दर से बेच रही है उसे दुनिया के 15 मुल्कों में 34 रुपए प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है।

सरकार को होगा 10,500 करोड़ रूपए का नुकसान

बता दें कि केंद्र सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.50 रुपए प्रति लीटर की कटौती कर दी। सरकार के आंकलन के अनुसार, पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती के इस फैसले से अगले छह महीने में 10,500 करोड़ रूपए के राजस्व का नुकसान हो सकता है, जोकि राजकोषीय घाटे का महज 0.05 फीसदी है।

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