यूपी मिशन 2022: 70 हजार कार्यकर्ताओं को जीत के गुर सिखाएगी कांग्रेस

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए कांग्रेस खास तैयारियां कर रही है। पार्टी 70 हजार कार्यकर्ताओं को चुनावी समर के लिए तैयार करने की योजना बना रही है।

By: Nitin Singh

Published: 06 Aug 2021, 11:12 AM IST

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियां मैदान में उतर चुकी हैं। वहीं कांग्रेस ने इसको लेकर खास तैयारी शुरू कर दी है। बता दें कि कांग्रेस प्रदेश में पंचायत समितियों, वार्ड और ग्राम पंचायत समितियों के अध्यक्षों को चुनावी जंग जीत के गुर सिखाएगी। बता दें कि पार्टी 70 हजार कार्यकर्ताओं को चुनावी समर के लिए तैयार करने की योजना बना रही है।

'किसने बिगाड़ा यूपी' सत्र

जानकारी के मुताबिक प्रशिक्षण शिविर में 'किसने बिगाड़ा यूपी' नामक विशेष सत्र होगा। हाल ही में यूपी कांग्रेस ने अपने 8 ज़ोन में ब्लॉक अध्यक्षों की ट्रेनिंग पूरी की है। ये शिविर गोरखपुर, इलाहाबाद, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर, बरेली, मथुरा और गाज़ियाबाद में आयोजित हुए थे। वहीं यूपी के 100 नेताओं और कार्यकर्ताओं के मास्टर ट्रेनरों का एक समूह छत्तीसगढ़ में विभिन्न मुद्दों पर प्रशिक्षण ले रहा है। प्रशिक्षण के बाद ये मास्टर ट्रेनर ब्लॉक और विधानसभा वार प्रशिक्षण शिविर में 70 हज़ार कार्यकर्ताओं ट्रेनिंग देंगे।

यह भी पढ़ेंः अलगे साल इन महीनों में हो सकते हैं विधानसभा चुनाव 2022, चुनाव आयोग से आई बड़ी खबर

इस सत्र में तीन दशकों में यूपी के हालात के लिए भाजपा, सपा और बसपा के शासनकाल को कठघरे में खड़ा कर पार्टी कार्यकर्ताओं को जनता के बीच इन तीनों दलों के खिलाफ माहौल बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनर पार्टी के इन योद्धाओं को बताएगी कि कैसे पिछले सरकारों ने 30 सालों में विकास के नाम पर जनता की कमाई का इस्तेमाल अपनी सुख-सुविधाओं के लिए किया है।

यह भी पढ़ेंः हर दल की सरकार में यादव रहे हैं प्रभावी भूमिका में, 1989 के बाद बढ़ा दबदबा

खास बात यह है कि 2017 विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मात देने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एक साथ यूपी की सड़कों पर जनता से वोट मांगते भी नजर आए थे, लेकिन यूपी की जनता को इनका साथ पसंद नहीं आया और बीजेपी को कुल 403 सीटों में से 324 सीटें हासिल हुई। जबकि सपा और कांग्रेस के इस गठबंधन को सिर्फ 54 सीटें ही हासिल हुईं। अब देखने वाली बात ये होगी कि कांग्रेस के ये योद्धा विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए कितने मददगार साबित होते हैं।

Nitin Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned