दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस के साथ मिलकर अवैध शराब के अड्डे का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस के साथ मिलकर अवैध शराब के अड्डे का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

Anil Kumar | Publish: Sep, 08 2018 06:15:52 PM (IST) New Delhi, Delhi, India

दिल्ली महिला आयोग को एक शिकायत मिली थी कि रोहिणी इलाके के विजय विहार फेज-2 के एक घर में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है। इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को सूचना दी और आबकारी विभाग के साथ मिलकर घटनास्थल पर छापेमारी की।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की मदद से दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने रोहिणी इलाके से एक बड़े अवैध शराब के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। जहां एक और डीडीए दिल्ली समेत आस-पास के इलाकों में एटीएम के जरीए बीयर बेचने की बात कर रही है वहीं दूसरी और दिल्ली महिला आयोग शराब के ठेकों को बंद कराने की मुहिम में जुटी हुई है। दरअसल दिल्ली महिला आयोग को एक शिकायत मिली थी कि रोहिणी इलाके के विजय विहार फेज-2 के एक घर में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है। इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को सूचना दी और आबकारी विभाग के साथ मिलकर घटनास्थल पर छापेमारी की।

पति-पत्नी गिरफ्तार

आपको बता दें कि आबकारी विभाग की टीम जब जांच के लिए घटना स्थल पर पुहंची तो वहां से अवैध शराब के एक बड़े रैकेट की जानकारी मिली। इस सिलसिले में अभियुक्त की पहचान कर आरोपी के घर पर छापा मारा गया। इस दौरान घर से देशी शराब की कई बोतलें बरामद की गई। साथ ही एक व्यक्ति और उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस मामले में विजय विहार थाने में एक एफआईआर दर्ज कर ली है। बता दें कि पुलिस को जांच के दौरान कई अहम जानकारियां मिली। पुलिस को पता चला कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति पर आबकारी कानून के तहत पहले से ही 46 मामले दर्ज हैं जबकि उसकी पत्नी पर 21 मामले दर्ज हैं।

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डीसीडब्ल्यू ने पुलिस आयुक्तों से मांगा जवाब

आपको बता दें कि इस संबंध में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल (स्वाति जयहिन्द) ने कहा कि हमारे पास इस तरह के कई मामले आ रहे हैं जिसमें अपराधियों पर 20-40 केस दर्ज हैं और बाहर आराम से अपने आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। मालीवाल ने कहा कि अब इस बात की जांच की जाएगी कि आखिर ऐसे लोग कैसे जेल से बाहर आ जाते हैं? क्या ऐसे लोगों के खिलाफ जानबूझ कर आईपीसी और आबकारी कानून की हल्की धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाती है? बता दें कि दिल्ली महिला आयोग ने सभी जिलों के पुलिस आयुक्तों से विवरण मांगा है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है? बता दें कि इससे पहले भी दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कई आपराधिक मामलों को हल करने में सफलता हासिल की है।

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