DMRC का दावा: किराया बढ़ोतरी के बाद भी बढ़ी है राइडरशिप, मेट्रो की उपयोगिता में भी इजाफा

  • केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय और डीएमआरसी का ऐलान
  • दो सालों में मेट्रो की राइडरशिप में कमी के दावों को किया खारिज
  • DMRC ने कहा बढ़ी है मेट्रो की उपयोगिता

By: Shweta Singh

Published: 27 Mar 2019, 04:06 PM IST

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रोजाना सफर करने वालों के लिए मेट्रो सबसे बड़े सहारे में से एक है। दो बार किराए में बढ़ोतरी के बाद इसमें यात्रा करने वाले लोगों की संख्या लगातार घटने लगी थी। हालांकि, अब केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय और डीएमआरसी ने इन दावों को खारिज किया है कि बीते दो सालों में मेट्रो की राइडरशिप में करीब 3 लाख तक की कमी आई है।

बढ़ी है मेट्रो की उपयोगिता: DMRC

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने दावा किया है कि किराए बढ़ने के बाद मेट्रो में सफर करनेवालों की संख्या में जो कमी आई थी,वह अब दूर हो चुकी है। डीएमआरसी का कहना है कि मेट्रो की उपयोगिता में भारी इजाफा हुआ है। लोग अब कम किराए और कम वक्त में एक जगह से दूसरी जगह जा सकते हैं। अधिकारियों ने कहना है कि मेट्रो सिस्टम की उपयोगिता नापने का पैमाना केवल राइडरशिप नहीं हो सकता। अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो के फेज-3 निर्माण के बाद दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क 343 किमी तक बढ़ चुका है। यही नहीं स्टेशनों की संख्या भी बढ़कर 250 के पास पहुंच चुकी है। अधिकारी के मुताबिक मेट्रो नेटवर्क में फेज-2 तक सिर्फ 10 इंटरचेंज स्टेशन थे, जो अब बढ़कर 26 हो गई है।

दो बार हुई है किराए में बढ़ोतरी

आपको बता दें कि एक आरटीआई (RTI) के हवाले से जानकारी आई थी कि वर्ष 2016-17 में मेट्रो की राइडरशिप 27.61 लाख थी, जो किराए में बढ़ोतरी के बाद लगातार घटी। पहले यह संख्या घटकर 25.38 लाख हुई, इसके बाद जनवरी 2019 में यह सिर्फ 23.16 लाख रह गई। बता दें कि मेट्रो के किराए में पहले साल 2017 की मई और फिर अक्टूबर में बढ़ोतरी की गई थी। इस जानकारी पर ही बात करते हुए मेट्रो अधिकारियों ने यह जवाब दिया।

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