भारतीय सेना का दावा, Ladakh Border पर चीनी सेना ने जवानों को डराने के लिए की फायरिंग

  • भारतीय सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने बयान जारी कर एलएसी ( Line of Actual Control ) को लेकर चीन के आरोप नकारे।
  • चीनी सेना ने भारतीय सेना पर सीमा ( Ladakh border ) का उल्लंघन करने और उकसाने का लगाया आरोप।
  • अगस्त में चीन के नापाक मंसूबे नाकामयाब करने के बाद से बौखलाया हुआ है ड्रैगन।

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने मंगलवार को कहा कि उसने वास्तविक नियंत्रण रेखा ( Line of Actual Control ) का उल्लंघन नहीं किया है और न ही गोलीबारी सहित किसी भी आक्रामक जरिये का इस्तेमाल किया है। भारतीय सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद का यह बयान चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा किए गए उस दावे के कुछ घंटे बाद सामने आया है, जिसमें चीन ने कहा था कि लद्दाख सीमा ( Ladakh border ) पर पैंगोंग त्सो पर भारतीय सैनिकों द्वारा वार्निंग शॉट्स (चेतावनी देने के लिए की गई फायरिंग) फायर करने के बाद उन्होंने जमीन पर हालात को स्थिर करने के लिए जवाबी कार्रवाई की गई।

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भारतीय सेना ने कहा कि पीएलए के सैनिक एलएसी के साथ लगी हमारी फॉरवर्ड पोजिशन के नजदीक आने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन जब इसे रोकने की कोशिश की गई, तो उन्होंने (भारतीय सैनिकों) को डराने के लिए हवा में कुछ राउंड फायर किए। बयान में आगे कहा गया है कि "गंभीर उकसावे के बावजूद (भारतीय) सैनिकों ने बड़े संयम का इस्तेमाल किया और उन्होंने परिपक्व और जिम्मेदार तरीके से व्यवहार किया।"

PLA का बयान सोमवार देर रात आया जब भारतीय सैनिकों ने पैंगोंग त्सो और रेचिन ला के दक्षिणी किनारे पर रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्जा करने के बाद चीन के नापाक प्रयासों को नाकामयाब कर दिया। PLA वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता कर्नल झांग शुइली ने दावा किया था कि भारतीय सेना ने सीमा पार कर ली और भारत-चीन सीमा के पश्चिमी भाग में बैंगोंग हुनान में प्रवेश किया, "और भारतीय कार्रवाई ने चीन और भारत के बीच प्रासंगिक समझौतों और सहमति का गंभीरता से उल्लंघन किया, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया और इससे आसानी से गलतफहमी और गलत अनुमान पैदा हुए।"

इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ स्थिति "बहुत गंभीर" थी और इसके लिए दोनों पक्षों के बीच "राजनीतिक स्तर" पर "बहुत, बहुत गहरी बातचीत" हो। जयशंकर इस सप्ताह शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए मास्को रवाना हुए, जहां उनकी चीन के विदेश मंत्री और स्टेट काउंसलर वांग यी के साथ सीमा गतिरोध पर बातचीत करने की संभावना है। जयशंकर ने कहा, "भारत और चीन के बीच सीमा की स्थिति को रिश्ते की स्थिति से नहीं हटाया जा सकता है।"

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सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद के मुताबिक, "भारतीय सेना शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, हालांकि हर कीमत पर राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। पश्चिमी थिएटर कमान का बयान उनके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को भ्रमित करने का एक प्रयास है।"

भारतीय सेना के मुताबिक, "यह PLA है जो समझौतों का उल्लंघन करते हुए और आक्रामक युद्धाभ्यास करते हुए, सैन्य, राजनयिक और राजनीतिक स्तर पर वार्ता का उल्लंघन कर रहा है। 07 सितंबर 2020 के ताजा मामले में यह PLA सैनिक थे, जो एलएसी के साथ हमारी फॉरवर्ड पोस्ट में से एक के साथ करीब आने करने का प्रयास कर रहे थे और जब हमारे सैनिकों द्वारा उन्हें रोकने की कोशिश की गई, पीएलए के सैनिकों ने हमारे सैनिकों को डराने के प्रयास में हवा में कुछ राउंड फायरिंग की। हमारे जवानों ने बड़े संयम और परिपक्व और जिम्मेदार तरीके से व्यवहार किया।"

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अमित कुमार बाजपेयी
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