NSG-UNSC में भारत की स्थायी सीट का समर्थन करेगा रूस: पुतिन

कश्मीर के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह भारत को देखना है कि पाकिस्तान वहां आतंकवाद को प्रायोजित कर रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि इससे फर्क नहीं पड़ता कि आतंकवाद कहां से आ रहा है। इस मुद्दे पर हम हमेशा भारत के साथ रहे हैं और आगे भी रहेंगे।

नई दिल्ली। रूस ने साफ किया कि पाकिस्तान के साथ उसके रिश्ते औपचारिक हैं। वह भारत की जगह नहीं ले सकता। सैंट पीट्सबर्ग में गुरूवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करते हुए रूस के राष्ट्रपति ब्लादमिर पुतिन ने कहा कि भारत, रूस के सबसे करीबी दोस्तों में से एक है। भारत और रूस की दोस्ती आपसी भरोसे पर टिकी हुई है। इसकी जगह पाकिस्तान या अन्य किसी देश के साथ रूस के संबंध नहीं ले सकते। भारतीय प्रधानमंत्री दोनों देशों के बीच 18 वीं वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए वहां गए हुए हैं।

मोदी-पुतिन की बातचीत के बाद घोषणा पत्र जारी 
मोदी और पुतिन की बातचीत के बाद जारी एक घोषणा पत्र जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि दोनों देश मानते हैं कि संयुक्त राष्ट्र विशेष रूप से सुरक्षा परिषद में सुधारों की जरुरत है। ताकि इसमें प्रतिनिधित्व बढ़े और मौजूदा चुनौतियों को प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। घोषणा पत्र में कहा गया है कि रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत की स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का फिर से जोरदार समर्थन करता है। घोषणा पत्र में परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भी भारत की स्थायी सदस्यता समर्थन करेगा। 

पाक के साथ रिश्ते औपचारिक
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके पाकिस्तान के साथ कोई मजबूत सैन्य रिश्ते नहीं हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों पर पाकिस्तान की वजह से कोई असर नहीं पड़ेगा। 

कश्मीर पर रूस, भारत के साथ
कश्मीर के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह भारत को देखना है कि पाकिस्तान वहां आतंकवाद को प्रायोजित कर रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि इससे फर्क नहीं पड़ता कि आतंकवाद कहां से आ रहा है। इस मुद्दे पर हम हमेशा भारत के साथ रहे हैं और आगे भी रहेंगे।

हमारे रिश्तों पर सवाल उठाना ही बचकाना
कोन्सटेन्टिन पैलेस में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि यह बचकाना होगा कि किसी और देश के साथ रिश्तों को भारत के साथ रूस के प्रगाढ़ रिश्तों को जोड़कर देखा जाए।

भारत-रूस के बीच आपसी समन्वय-समझ
64 वर्षीय रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत एक अरब से ज्यादा की आबादी वाला एक बहुत बड़ा देश है। रूस भी वृहद विस्तार वाला दुनिया का बड़ा देश है। दोनों देशों के बीच बहुत से मुद्दों पर आपसी समझ और समन्वय है। 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, विज्ञान और अन्य विषयों पर 12 समझौते होंगे। देश के सबसे बड़े कुडन्कुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर भी दोनों देशों के बीच समझौता होगा।
ghanendra singh
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