मार्गदर्शक मंडल की शरण में पहुंचे कीर्ति आजाद

भाजपा से निलंबन के बाद कीर्ति आजाद ने मार्गदर्शक मंडल की शरण ली है। बुजुर्ग नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार और यशवंत सिन्हा ने इस संबंध में दिन भर चर्चा की

By: शंकर शर्मा

Published: 24 Dec 2015, 11:42 PM IST


नई दिल्ली. भाजपा से निलंबन के बाद कीर्ति आजाद ने मार्गदर्शक मंडल की शरण ली है। बुजुर्ग नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार और यशवंत सिन्हा ने इस संबंध में दिन भर चर्चा की। हालांकि इस बार बिहार चुनावों की तरह उन्होंने खुलकर पार्टी नेतृत्व पर हमला नहीं बोला है। लेकिन माना जा रहा है कि मार्गदर्शक मंडल अरुण जेटली के खिलाफ जांच की मांग कर सकता है।

भाजपा के बुजुर्ग नेता ने यह तो बताया कि कीर्ति आजाद के निलंबन पर चर्चा की गई है, लेकिन इस संबंध में ज्यादा कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। मार्गदर्शक मंडल में बुजुर्ग नेताओं के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी भी शामिल हैं। इस बीच सीबीआई ने दावा किया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार के खिलाफ उनके पास पर्याप्त सबूत हैं और उनके खिलाफ जांच तेज की जा सकती है।

खुश नहीं हैं बुजुर्ग
सूत्रों की मानें तो आडवाणी समेत बुुजुर्ग नेताओं की चिंता को पार्टी में ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे वे नाखुश भी हैं। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व की तरफ से ऐसा दिखाया जा रहा है कि उनकी बात को तवज्जो दी जा रही है, लेकिन वास्तविकता में कुछ नहीं हो रहा है।   

क्या राजनीति में अभद्रता की नई परंपरा : जेटली
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कांग्रेस और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा। आप नेता की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, 'क्या भारतीय राजनीति में अभद्रता एक नई परंपरा बन गई है? आशा करता हूं ऐसा नहीं है। कुछ दिनों पहले भाजपा के कुछ नेताओं ने ऐसा किया था, जिसे पार्टी ने गंभीरता से लिया और सोच-समझकर बोलने को कहा।Ó उन्होंने कहा, 'दिल्ली के सम्मानित मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के बारे में जिस भाषा का प्रयोग किया है, उसे किस तरह लिया जाए? मुख्यमंत्री ने विधानसभा के अंदर और बाहर बेहद खराब शब्दों का प्रयोग देश के पीएम के लिए किया।

उच्च पदों पर बैठे लोगों को भाषा के स्तर पर संयम दिखाना चाहिए। अभद्रता राजनीति में स्वीकार नहीं कर सकते हैं। आप पार्टी ने जो तिकड़म अपनाए हैं, वह राजनीति का निचला स्तर है।Ó जेटली ने कहा कि कांग्रेस भी उनकी देखादेखी अभद्र भाषा व झूठे आरोपों पर उतर आई है।

पीएम बताएं, मैंने क्या गलती की?
कीर्ति आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मदद की अपील करते हुए कहा, 'वह मेरी बात सुने। मुझे बताएं कि मैंने क्या गलती की है? मैंने किसी व्यक्ति के खिलाफ  नहीं संस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। क्या मेरा कसूर यह है कि मैं ईमानदार हूं और मैंने डीडीसीए में भ्रष्टाचार के खिलाफ  आवाज उठाई?

स्वामी आए साथ
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी कीर्ति आजाद के बचाव में उतर आए हैं। पार्टी को जवाब सौंपने के लिए तैयार ड्राफ्ट में स्वामी ने उनकी मदद की है। उन्होंने कहा, 'भाजपा को उनके जैसे ईमानदार नेता को नहीं खोना चाहिए। मैं कीर्ति की हर संभव मदद करूंगा।
BJP
Show More
शंकर शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned