अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 2 अगस्त की ताज़ा और रोचक खबरें

अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 2 अगस्त की ताज़ा और रोचक खबरें

Santosh Kumar Trivedi | Publish: Aug, 02 2017 08:33:00 AM (IST) New Delhi, Delhi, India

भागदौड़ भरी जिंदगी में हम आपके लिए लाए हैं फ़टाफ़ट फॉर्मेट में बड़ी और दिलचस्प खबरें। अगर आप तमाम बड़ी खबरें नहीं पढ़ पाए हैं या फिर आपके पास समय की कमी है तो एक ही खबर में पढ़िए अब तक की बड़ी व महत्वपूर्ण खबरें।

सीमा विवाद के बीच फिर आया जिनपिंग का बयान, कहा- चीनी सेना हर हमले को कर देगी नाकाम


बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को कहा कि चीन किसी को भी अपने क्षेत्र के एक टुकड़े को भी अलग करने और अपनी संप्रभुता को नष्ट करने की इजाजत नहीं देगा। शी ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की 90वीं वर्षगांठ के मौके पर ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में अपने संबोधन में सेना को मुकाबले के लिए हमेशा तैयार रहने को कहा।



उन्होंने कहा कि चीनी सेना कभी आक्रमण नहीं करेगी, लेकिन उन्हें भरोसा है कि यह सभी तरह के आक्रमणों को परास्त कर देगी। शी ने कहा कि हम किसी भी व्यक्ति, किसी संगठन, किसी राजनीतिक दल को कभी और किसी भी तरह चीनी क्षेत्र का एक भी टुकड़ा अलग नहीं करने देंगे। उनका कहना कि किसी को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि हम अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले परिणामों को स्वीकार कर लेंगे।



ध्यान हो कि रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी ने इनर मंगोलिया में एक परेड के दौरान चीनी सेना को संबोधित करते हुए कहा था कि पीएलए आक्रमणकारी दुश्मनों को शिकस्त देने में सक्षम है। चीन का कई देशों से कई क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर विवाद रहा है। हालांकि, उसने दो देशों भारत और भूटान को छोड़कर सभी 14 देशों से अपने विवादों का निपटारा कर लिया है।



गौरतलब है कि चीन, भारत के अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता है और उसे दक्षिणी तिब्बत कहता है। वहीं, भारत पश्चिमी क्षेत्र में अक्साई चीन पर अपना दावा जताता है, जो चीन के नियंत्रण में है। भारत और चीन के बीच दशकों पुराने विवादों में डोकलाम को लेकर एक नया विवाद जुड़ गया है, जहां दोनों देशों की सेना के बीच टकराव की स्थिति है।



सिक्किम स्थित डोकलाम, चीन और भूटान के बीच विवादित स्थान है। भूटान का सहयोगी भारत इस पर भूटान का अधिकार मानता है। तो वहीं चीनी राष्ट्रपति का बयान एक बार फिर ऐसे समय पर आया है जबकि दोनों देशों सीमा विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से तनाव जारी है। चीन चाहता है कि भारत, डोकलाम से अपनी सेना वापस बुला ले। वहीं, भारत चाहता है कि डोकलाम से भारतीय और चीनी दोनों सेनाएं एक साथ हटें।



इधर घर का वास्तुदोष दूर किया, और उधर IPS दिनेश एमएन को कोर्ट ने किया बरी!

जयपुर। आईपीएस दिनेश एमएन के कोर्ट से बरी होने के बीच एक रोचक बात निकल कर आई है। जानकारी के मुताबिक़ दिनेश एमएन ने जयपुर स्थित गांधी नगर में दूसरे सरकारी क्वार्टर में डेढ माह पहले ही गृह प्रवेश किया है। सूत्रों ने बताया कि सुनवाई से पहले उन्होंने घर का वास्तुदोष दूर करवाया। यहां तक की मुम्बई से आने पर पंडितों ने उनको घर के पीछे के गेट से प्रवेश करने की सलाह दी थी। आईपीएस दिनेश एमएन मुम्बई से लौटने पर पीछे के गेट से सबके साथ अंदर पहुंचे। एयरपोर्ट और घर पर आईपीएस एमएन से मिलने बड़ी सख्या में पुलिस अधिकारी और जवान भी पहुंचे।



उधर, आईपीएस दिनेश एमएन के ससुर कर्नाटक में एडीजी पद से रिटायर्ड हुए हैं। सास लक्ष्मी और ससुर कीम्पईया अभी जयपुर आए हुए हैं। सासु मां ने पत्रिका संवाददाता से विशेष बातचीत में कहा कि उन्हें पता था उनका बेटा बरी होगा। भगवान पर भरोसा था। उनके चेहरे पर आठ साल पहले मिले गम को कोर्ट के एक निर्णय ने खुशी में बदल दिया। 



सास लक्ष्मी ने कहा कि दिनेश एमएन को परिवार सहित शिव मंदिर ले जाऊंगी। बेटा सच्चा और ईमानदार है। गौरतलब है कि 26 नवम्बर 2005 में सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के मामले में दिनेश एमएन सात साल जेल में भी रहकर आए हैं। पुलिस विभाग में सबसे तेज तर्रार आईपीएस दिनेश एमएन 1995 बैच के आईपीएस हैं।



आनंदपाल एनकाउंटर पर नए डीजीपी अजीत सिंह का बयान, कहा- फर्जी नहीं थी मुठभेड़


जयपुर। डीजीपी बनने के बाद मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में अजीत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर पर बड़ा बयान दिया है। प्रदेश के नए डीजीपी ने कहा कि आनंदपाल का एनकाउंटर 100 प्रतिशत सही है। इसमें एक फीसदी भी संदेह का सवाल नहीं है। 



उन्होंने कहा कि मुझे भी मुठभेड़ की जगह जाने का मौका मिला, घटना स्थल का मुआयना किया, तब जाकर यह कह रहा हूं। एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआई जांच होनी भी चाहिए थी। क्योंकि इससे लोगों का संदेह भी दूर हो जाएगा। 



साथ ही आनंदपाल के अलावा सोहराबुद्दिन एनकाउंटर मामले से जुड़े दिनेश एमएन को मुम्बई कोर्ट का बरी करने के निर्णय पर डीजीपी सिंह ने कहा कि पुलिस महकमे के लिए यह खुशी की बात है। 



कोर्ट के निर्णय पर कुछ नहीं कहेंगे, बस इतना है कि दिनेश एमएन राजस्थान पुलिस के कर्मठ और दबंग अफसर हैं। पुलिस की प्राथमिकता में उन्होंने कहा कि पुलिस का पहला उद्देश्य यह रहेगा कि आमजन की सुरक्षा बेहतर हो। इसके साथ हीं सड़क दुर्घटना हो या हत्या या फिर अन्य किसी हादसे में होने वाली मौत के आंकड़ों को कम करना होगा।



गौरतलब है कि आनंदपाल को राजस्थान पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था, जिसके बाद मुठभेड़ को फर्जी करार देते हुए मामले की सीबीआई जांच के लिए काफी दिनों तक विरोध प्रदशर्न जारी रहा। जिसके बाद अब नए डीजीपी अजीत सिंह ने पदभार संभालने के बाद एनकाउंटर पर अपनी बात रखी। 



CM नीतीश की बढ़ी मुश्किलें- हत्या मामले में दायर याचिका पर सुनवाई को तैयार SC


नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बिहार विधान परिषद की सदस्यता को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में आरोप लगाया गया है नीतीश ने चुनाव के वक्त दिए हलफनामे में अपने खिलाफ आपराधिक मामले को कथित तौर पर छिपाया।



न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति अमिताव रॉय और न्यायमूर्ति ए.एम.खानविलकर ने वकील एम.एल.शर्मा की ओर से दाखिल उस याचिका पर सुनवाई की सहमति दे दी, जिसमें मामले को लेकर जेडीयू के नेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।



इसके अलावा याचिका में कहा गया है कि नीतीश कुमार के खिलाफ एक आपराधिक मामला चल रहा है, जिसमें साल 1991 में बाढ़ लोकसभा उपचुनाव से पहले उन्हें एक स्थानीय कांग्रेस नेता सीताराम सिंह की हत्या और चार अन्य को घायल किए जाने के मामले में आरोपी बनाया गया है। तो वहीं याचिका में बिहार के मुख्यमंत्री की विधानपरिषद की सदस्यता निर्वाचन आयोग के 2002 के आदेश के मुताबिक रद्द करने की मांग की गई है।



वकील शर्मा ने कहा कि नीतीश कुमार के खिलाफ आपराधिक मामले की बात जानने के बावजूद निर्वाचन आयोग ने सदन की उनकी सदस्यता रद्द नहीं की और आज की तारीख तक वह संवैधानिक पद पर बने हुए हैं।



अरविंद पनगढ़िया ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा


नर्इ दिल्ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस फैसले से पनगढ़िया ने पीएमआे को भी अवगत करा दिया है। हालांकि अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि पीएम माेदी फिलहाल असम के बाढ़ग्रस्त इलाकों के दौरे पर हैं। एेसे में पीएम ही उनके इस्तीफे पर लौटेने के बाद ही कोर्इ फैसला लेंगे। बता दें कि पीएम मोदी ने योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग की शुरूआत की थी। अरविदं पनगढ़िया को नीति आयोग का पहला उपाध्यक्ष बनाया गया था।



देश के जाने माने अर्थशास्त्री के रूप में अरविंद पनगढ़िया को जाना जाता है। जानकारी के मुताबिक पनगढ़िया की योजना एक बार फिर शिक्षण क्षेत्र में लौटने की है। वे 31 अगस्त तक नीति आयोग में अपने पद पर काम करते रहेंगे। पनगढ़िया को पीएम मोदी की पसंद माना जाता है। उन्हें उन्हें 5 जनवरी 2015 को पीएम मोदी ने नीति आयोग का उपाध्यक्ष चुना था। इससे पहले वे कोलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के तौर पर कार्य कर रहे थे।



अरविंद पनगढ़िया को लेखन का भी शौक है। पनगढ़िया की 2008 में आर्इ पुस्तक इंडिया द इमरजिंग जाइंट बेस्ट सेलर रह चुकी है। इसके साथ ही उन्होंने कर्इ आैर पुस्तकें भी लिखी हैं। उन्हें मार्च 2013 में भारत सरकार ने पदम विभूषण से नवाजा। वे एशियार्इ विकास बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री भी रह चुके हैं।



साथ ही आर्इएमएफ आैर वर्ल्ड बैंक में भी काम कर चुके हैं। पनगढ़िया को आर्थिक उदारीकरण का समर्थक माना जाता है। साथ ही उन्हें पीएम माेदी का भी समर्थक माना जाता है। ये भी समझा जाता है कि मोदी सरकार ने एयर इंडिया को बेचने का निर्णय पनगढ़िया की सलाह पर ही लिया है।



जयपुर के हैं पनगढ़िया

अरविंद पनगढ़िया जयपुर के रहने वाले हैं। उनकी शुरुआती पढ़ार्इ भी जयपुर में ही हुर्इ आैर यहीं से उन्होंने ग्रेजुएशन किया। बाद में वे पीएचडी के लिए अमरीका गए। जहां उन्होंने न्यूजर्सी स्थित प्रिंसटन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डाॅक्टरेट की। बाद में वे काेलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बन गए। 

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