हो गया गुड़िया रेप-हत्याकांड का खुलासा, नशे में आरोपियों ने दिया था वारदात को अंजाम, न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी

इस बड़े रेप-मर्डर में केस में चौंकाने वाले खुलासा हुआ है।

By: Kaushlendra Pathak

Published: 25 Apr 2018, 01:25 PM IST

नई दिल्ली। हिमाचल के गुड़िया (काल्पनिक नाम) रेप-हत्याकांड में शामिल आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी नीलू को 7 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, पुलिस ने इस मामले को लेकर कुछ अहम खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक, नशे की हालत में इस गैंगरेप को अंजाम दिया गया है और फिर पीड़ित की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

पुलिस ने किए अहम खुलासे

पुलिस ने बताया कि 4 जुलाई, 2017 को आरोपी राजू अपने कुछ दोस्तो के साथ गाड़ी से कहीं जा रहा था। उस वक्त सभी नशे में धुत थे। उनलोगों ने गुड़िया को देखते ही गाड़ी रोक दी और उसे घर तक लिफ्ट देने की बात कही। चुंकी, गुड़िया उस इलाके में नई थी और केवल राजू को ही जानती थी। उससे उसपर भरोसा करते हुए गाड़ी में बैठ गई। लेकिन, कुछ दूर जाते ही उनलोगों ने गुड़िया पर हमला कर दिया और उसके साथ गैंगरेप किया। इतना ही नहीं राजू ने अपने कुछ और दोस्तों को वहां बुला लिया और सबने बारी-बारी से उसका रेप किया। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए सबने मिलकर गुड़िया की बेरहमी से हत्या कर दी।

जल्द बेनकाब होंगे असली चेहरे

इस वारदात में शिमला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 जुलाई 2017 को आशीष चौहान, राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, सुभाष सिंह बिष्ट, लोकजन, सूरज सिंह और दीपक नामक आरोपियों को पकड़ा था। जिन्हें कोर्ट ने सबूतों के अभाव के कारण जमानत दे दी थी। हालांकि, कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही गुड़िया के हत्यारों और गैंगरेप में शामिल लोगों के असली चेहरे बेनकाब हो जाएंगे।

पुलिस और सीबीआई के अलग-अलग राग

गौरतबल है कि सीबीआई ने शिमला पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों को मुजरिम नहीं माना था और अपनी जांच नए सिरे से शुरू की थी। इसके बाद कुछ पुलिसवाले गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस पर 18 अगस्त की रात एक आरोपी सूरज को हिरासत में ले कर पीट-पीटकर मारने का आरोप है। यहां आपको यह भी बता दें कि सीबीआई इस केस में आठ बार स्टेटस रिपोर्ट पेश कर चुकी है।

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