दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 10 लाख लोगों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 10 लाख लोगों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

Anil Kumar | Publish: Aug, 12 2018 06:23:56 PM (IST) New Delhi, Delhi, India

आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में करीब दस लाख लोगों ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।

नई दिल्ली। दिल्ली को एक पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग हमेशा से होती रही है। लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में बनने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया। आम आदमी पार्टी हर मंच से दिल्ली को एक पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की वकालत करती रहती है। इसी सिलसिले में अब आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में करीब दस लाख लोगों ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। आम आदमी पार्टी के नेता और श्रम, रोजगार एवं विकास मंत्री गोपाल राय ने इन पत्रों को अपने हाथों से स्वयं प्रधानमंत्री को सौंपने के लिए समय देने की मांग की है। इस बाबत उन्होंने एक पत्र लिखा है।

गोपाल राय ने 9 अगस्त को लिखा गया था पत्र

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पत्र में लिखते हुए कहा कि दिल्ली के लोगों की कई दशकों से यह मांग रही है कि राजधानी को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। उन्होंने लिखा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार इस मांग का पूर्ण समर्थन करती है और उन्हें उनका हक मिलना चाहिए। बता दें कि गोपाल राय ने 9 अगस्त को यह पत्र लिखा था जो कि 10 अगस्त को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने प्राप्त कर लिया है। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने अपने स्थापना के समय से ही दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की थी। लेकिन अब यह मांग जोर पकड़ता जा रहा है और केजरीवाल सरकार इसे लेकर पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। चूंकि आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी सभाओं में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की बात कही थी।

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पूर्ण राज्य के नाम पर सियासत

आपको बता दें कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने के नाम पर हमेशा से सियासत होता रहा है। जहां एक ओर किसी भी अन्य राज्य में कानून व्यवस्था से संबंधित कोई घटना सामने आती है तो उसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाता है, लेकिन दिल्ली में ऐसा नहीं है। इसके लिए केंद्र शासित प्रदेश को जिम्मेदार ठहराया जाता है। चूंकि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आता है इसलिए केजरीवाल सरकार हमेशा किसी भी तरह की घटना के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराता रहा है। बता दें कि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए केजरीवाल दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की बात कह रहे हैं जबकि दिल्ली की स्थिति देखते हुए यह सभी जानते हैं कि यह मांग कभी पूरी नहीं की जा सकती क्योंकि यह केंद्रशासित क्षेत्र में आता है। बता दें कि दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है। साथ ही राजधानी होने के नाते इसपर केंद्र का नियंत्रण रहता है।

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