वर्धा में एम.फिल की छात्रा ने शोधार्थी पर लगाया यौन-उत्पीड़न का आरोप

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी यूनिवर्सिटी में एम.फिल की छात्रा का यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। कथित तौर पर आरोप पीएचडी के एक शोधार्थी पर लगा है। हालांकि, इस मामले में अभी तक पीड़िता की तरफ से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। वहीं, वीसी ने विरोध कर रहे विद्यार्थियों को धमकी दी है।

ललित फुलारा
नई दिल्ली/वर्धा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी यूनिवर्सिटी में एम.फिल की छात्रा का यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। कथित तौर पर आरोप पीएचडी के एक शोधार्थी पर लगा है। हालांकि, इस मामले में अभी तक पीड़िता की तरफ से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। 

विद्यार्थियों ने किया वीसी का घेराव
- इस पूरे मामले को लेकर मंगलवार को विरोध कर रहे स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी के वीसी का घेराव किया।
-स्टूडेंट्स का कहना है कि वीसी गिरीश्वर मिश्र ने स्टूडेंट्स से सिर्फ 10 मिनट बातचीत की और इस दौरान धमकी भी दी।
- एमफिल के ही छात्र अरविंद का कहना है कि वीसी ने हॉस्टल के बाहर रात 10 बजे तक न्याय के लिए धरान दे रही लड़कियों के घर कॉल करने की धमकी दी है।
-वीसी का कहना है कि लड़कियां 10 बजे तक गर्ल हॉस्टल के बाहर क्यों बैठी थी?
- उनके खिलाफ  अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने दी लाठीचार्ज की धमकी
-स्टूडेंट्स का आरोप है कि प्रशासन धरना खत्म करने की धमकी दे रहा है।
- ऐसा नहीं करने पर पुलिस के माध्यम से लाठीचार्ज करवाने की बात कही जा रही है।
- स्टूडेंट्स का कहना है कि वीसी उल्टा पीड़ित छात्रा के लिए न्याय की मांग कर रहे विद्यार्थियों पर ही परीक्षा के दौरान  माहौल खराब करने का आरोप लगा रहे हैं।
-वहीं पीड़िता ने प्रशासन पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
- एमफिल के छात्र अरविंद का कहना है कि आज भी आरोपी स्कॉलर अपने 40-50 समर्थकों के साथ प्रशासनिक भवन के बाहर आया था।
- वो फोन कॉल के माध्यम से काफी दिनों से लड़की पर दबाव बना रहा है।


कब की है घटना
घटना 13 मार्च होली के दिन की है। छात्रा का आरोप है कि पीएचडी शोधार्थी ने होली के दौरान उसका सार्वजनिक यौन-उत्पीड़न किया। इसके बाद पीड़िता ने न्याय की खातिर यूनिवर्सिटी प्रशासन को मामले से अवगत कराया। महिला प्रकोष्ठ में भी शिकायत की गई लेकिन एक महीने बाद भी आरोपी शोधार्थी के खिलाफ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया।


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- पीड़िता के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे एक महीने तक इधर-उधर के चक्कर कटवाए
- इस दौरान हर अधिकारी यह कहता रहा है कि मामला उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है
- पीडिता पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया
- पीड़िता ने आरोपी शोधार्थी पर धमकाने का भी आरोप लगाया है

शोधार्थी कर रहा है जांच को प्रभावित करने की कोशिश...
- छात्रा का कहना है कि आरोपी 17 अप्रैल को अपने साथियों के साथ प्रशासनिक भवन पहुंचा
- उसने संबंधित अधिकारियों से मिलकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की
- इसके बाद पीड़ित छात्रा ने धरने पर बैठने का निर्णय लिया

आपस में ही भीड़े पीड़िता और आरोपी समर्थक
- पीड़िता जब महिला छात्रावास के सामने धरने पर बैठी तो आरोपी भी वहां अपने समर्थकों के साथ आ पहुंचा
- बताया जा रहा है कि आरोपी के साथ 50 अन्य छात्र मौजूदे थे
- इस दौरान वहां चीफ प्रॉक्टर, कुलसचिव, उप-कुलानुशासक और महिला छात्रावास की वार्डन भी मौजूद थीं
-पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने शक्ति प्रदर्शन कर उसे डराने की कोशिश की


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प्रशासन कर रहा है आरोपी को बचाने की कोशिश...
-पीड़िता ने प्रशासन पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया है
-यही वजह है कि अभी तक आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई
-पीडिता का कहना है कि जांच पूरी होने तक आरोपी को अकादमिक गतिविधियों से निलंबित किया जाए
-इसी को लेकर सोमवार रात को पीड़िता के पक्ष में आए छात्र-छात्राएं धरने पर भी बैठे

ललित fulara
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