Punjab Congress Crisis : मुख्यमंत्री पद के लिए नवजोत सिंह सिद्धू ने भी जताई दावेदारी

Punjab New Cm. पंजाब का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसको लेकर सस्पेंस बरकरार है। वहीं कांग्रेस आलाकमान (congress leadership) के लिए भी जातिगत समीकरणों को साधते हुए नए सीएम पर का ऐलान करना आसान नहीं है। इसी बीच पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (navjot singh siddhu) ने भी मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक दी है, जिससे पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

By: Nitin Singh

Published: 19 Sep 2021, 02:45 PM IST

नई दिल्ली। Punjab New Cm. पंजाब का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसको लेकर सस्पेंस बरकरार है। वहीं कांग्रेस आलाकमान (congress leadership) के लिए भी जातिगत समीकरणों को साधते हुए नए सीएम पर का ऐलान करना आसान नहीं है। इसी बीच पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (navjot singh siddhu) ने भी मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक दी है, जिससे पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जानकारी के मुताहिक नवजोत सिंह सिद्ध ने न सिर्फ प्रदेश प्रभारी हरीश रावत (harish rawat) के सामने की बल्कि पार्टी हाईकमान को भी फोन कर अपनी इच्छा बता दी है। वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह (captan amrinder singh) पहले ही सिद्धू को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता चुके हैं।

कैप्टन ने सिद्धू को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

बता दें कि मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह (captan amrinder singh) ने नवजोत सिंह सिद्धू (navjot singh siddhu) को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता दिया है। उनका कहना है कि सिद्धू की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और जनरल बाजवा संग दोस्ती है और यह सरहदी राज्य पंजाब के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है। वहीं पंजाब सीएम के लिए नवजोत सिंह सिद्धू (navjot singh siddhu) की दावेदारी के बाद से उनके खेमे में भी खींचतान शुरू हो गई है।

रंधावा और बाजवा भी पार्टी पर बना रहे दबाव

बता दें कि पंजाब के नए मुख्यमंत्री (punjab new cm) के लिए कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा में भी रेस चल रही है। दोनों ही मंत्री पार्टी नेतृत्व पर खुद को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पार्टी पर दबाव बना रहे हैं। वहीं, दोनों ही मंत्रियों ने पार्टी के प्रभारी और पर्वेक्षक अजय माकन और हरीश चौधरी को कह दिया गया है कि अगर हिंदू को मुख्यमंत्री बनाना है तो सुनील जाखड़ की बजाए अंबिका सोनी को यह मौका दिया जाए। गौरतलह है कि अंबिका सोनी ने स्‍वास्‍थ्‍य का हवाला देकर अपनी दावेदारी से इन्‍कार कर दिया है

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इन सारी परिस्थितियों में मुख्यमंत्री की कुर्सी उलझ कर रह गई है। अहम बात यह है कि सुखजिंदर रंधावा और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा पहले जाखड़ के करीबी थी, लेकिन जैसे ही जाखड़ का नाम मुख्यमंत्री के रूप में आया दोनों ही मंत्रियों ने उनकी मुखालफत शुरू कर दी है। वहीं जब पार्टी नेताओं ने कैप्टन अमरिंदर सिंह का विरोध करना शुरू किया तो कैप्टन ने कहा था कि उन्होंने जनहित का ध्यान रखते हुए सरकार चलाई है। उनका विरोध करने वाले सिर्फ मुख्यमंत्री बनने की चाहत रखते हैं। फिलहाल कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश रावत (harish rawat), पार्टी नेता हरीश चौधरी और अजय माकन पार्टी विधायकों से मुख्यमंत्री के लिए कुछ नामों पर प्रतिक्रिया ले रहे हैं। जल्द ही पंजाब के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होगा।

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