SCO का सदस्य बनेगा भारत, कजाकिस्तान पहुंचे PM मोदी

एससीओ बैठक में भारत और उसके पड़ोसी देश पाकिस्तान को संगठन की सदस्यता मिलने वाली है।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को कजाकिस्तान पहुंचे। इस बैठक में भारत और उसके पड़ोसी देश पाकिस्तान को संगठन की सदस्यता मिलने वाली है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक बैठक में भारत-पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच कोई बातचीत नहीं होगी लेकिन जानकारों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरने की योजना बनाई है। दरअसल भारत कई वर्षों से लगातार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आंतकवाद के मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। जिस वजह से भारत को शंघाई सहयोग संगठन की सदस्यता मिलने वाली है। कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित इस बैठक में कई देशों के शीर्ष नेता शामिल होंगे। 

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मिलेगा सहयोग: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यात्रा से पहले फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हमने शंघाई सहयोग संगठन की सदस्यता के लिए पिछले वर्ष ताशकंद में प्रक्रिया की शुरूआत की थी। एससीओ की सदस्यता मिलने से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में भी भारत को सहयोग मिलेगा। प्रधानमंत्री नौ जून को अस्ताना एक्सो का उद्घाटन भी करेंगे।

क्या है शंघाई सहयोग संगठन?
अप्रैल 1996 में शंघाई में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और तजाकिस्तान ने एक-दूसरे के बीच उत्पन्न तनावों को दूर करने के लिए सहयोग पर विचार किया। जिसे शंघाई फाइव का नाम दिया गया। जिसके बाद जून 2001 में एससीओ की शुरूआत हुई। पहले इस संगठन का नाम शंघाई फाइव था लेकिन उज्बेकिस्तान के जुड़ने के बाद इस संगठन का नाग शंघाई सहयोग संगठन कर दिया गया। रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान एससीओ के स्थानी सदस्य हैं। इस संगठन का उद्देश्य मध्य एशिया में सुरक्षा के लिए सहयोग बढ़ाना है। कई जानकार एससीओ की तुलना नेटो से भी करते हैं।
Narendra Modi
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