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5 साल तक गाड़ी बेचने या ट्रांसफर करने पर लगेगी रोक, दिल्ली में EV खरीदारों के लिए बड़ा झटका, जानिए नई पॉलिसी का पूरा ड्राफ्ट

Electric Vehicle 5 Year Resale Ban Delhi: दिल्ली सरकार की नई EV Policy 2.0 के तहत सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों के रीसेल और ट्रांसफर पर 5 साल का लॉक-इन पीरियड लगाने की तैयारी है। जानिए रोड टैक्स छूट और स्क्रैपिंग इंसेंटिव के नियम।

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Delhi EV Policy Final Draft

5 साल तक गाड़ी बेचने या ट्रांसफर करने पर लगेगी रोक

Delhi EV Policy 2.0 Final Draft: दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर है। दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद पर दी जाने वाली सरकारी सब्सिडी के गलत इस्तेमाल (मिस्यूज) को रोकने के लिए एक सख्त नियम लागू करने जा रही है। इसके तहत दिल्ली में ईवी खरीदने के बाद 5 साल से पहले गाड़ी को बेचने (रीसेल) या किसी अन्य के नाम ट्रांसफर करने पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।

'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार की नई ईवी पॉलिसी 2.0 (EV Policy 2.0) का फाइनल ड्राफ्ट अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। इसे इसी महीने (मई 2026) के आखिरी हफ्ते में दिल्ली कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। प्रस्तावित नीति के अनुसार, 5 साल के इस 'लॉक-इन पीरियड' के दौरान दिल्ली परिवहन विभाग किसी भी वाहन के ट्रांसफर या दोबारा रजिस्ट्रेशन के लिए कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी नहीं करेगा।

पड़ोसी राज्यों में मुनाफे का खेल

अधिकारियों ने बताया कि पूरे देश में दिल्ली इकलौता ऐसा राज्य है जहां ईवी खरीदने पर सबसे ज्यादा वित्तीय छूट (इंसेंटिव) मिलती है। सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग दिल्ली से सब्सिडी पर सस्ती गाड़ियां खरीदते हैं और फिर उन्हें पड़ोसी राज्यों (जैसे यूपी या हरियाणा) में महंगे दामों पर बेचकर मुनाफा कमा लेते हैं, क्योंकि वहां ऐसी सब्सिडी नहीं मिलती।

बदलाव की गुंजाइश

नया नियम लोगों को सब्सिडी का ऐसा शॉर्ट-टर्म फायदा उठाने से रोकेगा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि कैबिनेट की अंतिम मुहर लगने से पहले इस ड्राफ्ट में कुछ छोटे-मोटे बदलाव किए जा सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन

पॉलिसी के फाइनल ड्राफ्ट में प्रदूषण पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए कुछ कड़े टारगेट और समय सीमा (Deadlines) तय की गई हैं। दरअसल, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल और केवल 'इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स' (e-3 Wheelers) के ही नए रजिस्ट्रेशन किए जाएंगे। वहीं, 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में पेट्रोल वाले टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद हो सकता है, केवल ई-बाइक और इलेक्ट्रिक स्कूटर के रजिस्ट्रेशन को ही अनुमति दी जाएगी।

30 लाख तक की गाड़ियों पर बंपर छूट

नई नीति में पर्यावरण अनुकूल गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में भारी कटौती का भी प्रस्ताव है। दरअसल, 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन चार्ज से 100% छूट मिलने की संभावना है। हालांकि, 30 लाख रुपये से महंगी लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों को यह फायदा मिलने की उम्मीद कम है। प्रदूषण कम करने वाली स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड गाड़ियों को भी रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 50 प्रतिशत की बड़ी छूट दी जा सकती है।

पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर मिलेगा 1 लाख का एक्स्ट्रा फायदा

दिल्ली की सड़कों से पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को हटाने के लिए सरकार 'स्क्रैपेज-लिंक्ड इंसेंटिव' लेकर आ रही है। अगर आपके पास दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-IV (बीएस-4) या उससे पुरानी गाड़ी है और आप उसे किसी ऑथराइज्ड स्क्रैपिंग सेंटर में कबाड़ (Scrap) में बदलते हैं, तो वहां से मिलने वाले 'सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट' के 6 महीने के भीतर नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर आपको 1 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट मिलेगी। (ध्यान रहे कि नई कार की कीमत 30 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए)। यह फायदा केवल शुरुआत के 1 लाख आवेदकों को ही 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर दिया जाएगा।

700 से ज्यादा सुझावों के बाद तैयार हुआ फाइनल ड्राफ्ट

बता दें कि दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने अप्रैल में इस ईवी पॉलिसी 2.0 का शुरुआती ड्राफ्ट जारी कर 10 मई तक जनता, ट्रांसपोर्ट यूनियनों और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से सुझाव मांगे थे। इस दौरान सरकार को 700 से ज्यादा महत्वपूर्ण फीडबैक मिले। इन्हीं सुझावों की समीक्षा करने और कुछ जरूरी संशोधन करने के बाद अब इस फाइनल ड्राफ्ट को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है।

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