मौसम का सटीक हाल बताने वाला सैटेलाइट लॉन्च

 मौसम का सटीक हाल बताने वाला सैटेलाइट लॉन्च
Satellite

इंडियन नेशनल सैटेलाइट- 3डी रिपीट यानी इनसैट 3डीआर की लॉन्चिंग के साथ ही भारत ने अंतरिक्ष में मौजूदगी को और ज्यादा मजबूत कर लिया है।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क। इंडियन नेशनल सैटेलाइट- 3डी रिपीट यानी इनसैट 3डीआर की लॉन्चिंग के साथ ही भारत ने अंतरिक्ष में मौजूदगी को और ज्यादा मजबूत कर लिया है। जैसा कि नाम से ही जाहिर है कि यह 2013 में प्रक्षेपित किए गए इनसैट-3डी का उन्नत वर्जन है। इसके जरिये हमें मौसम की ज्यादा सटीक और तुरंत जानकारी हासिल होगी। हालांकि मौसम की भविष्यवाणियों के लिहाज से अभी भी दुनिया के मुकाबले हम काफी पीछे हैं। लेकिन इनसैट-3डीआर की बड़ी खासियत मौसम विज्ञानियों को बारिश, तूफान और चक्रवात की सटीक भविष्यवाणी उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि यह धरती पर कुछ खोजने और आपदा के वक्त बचाव अभियानों में मदद करने का बड़ा काम भी करेगा। 



कुछ ऐसी हैं खासियतें:
- 26 मिनट में तस्वीर... 
35,786 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्कर लगाएगा धरती के।
2,060 किलोग्राम वजन, लॉन्चिंग के वक्त।
907 किलोग्राम का भार है मूल सैटेलाइट का।
1,164 वॉट की ताकत है इनसैट 3डीआर में
10 साल तक काम करेगा इनसैट-3डीआर



3डी से कितना बेहतर...
इनसैट 3डीआर कुछ मामलों में इनसैट 3डी के समान जानकारी उपलब्ध कराएगा। इससे वायुमंडल में 70 किलोमीटर की ऊंचाई तक का तापमान, 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक की आद्रर्ता और ओजोन परत की जानकारी मिलती है। ये सारी जानकारी इनसैट 3डीआर ज्यादा बेहतर, सटीक और जल्द उपलब्ध कराएगा।
- रात में, बादल और कोहरे की भी तस्वीरें ले सकेगा।
दो थर्मल इंफ्रारेड बैंड के जरिए तस्वीरें लेगा।
समुद्र की सतह पर तापमान का सटीक अध्ययन हो सकेगा।
पहले भेजे गए मौसमविज्ञान से संबंधी मिशन की सेवा आगे बढ़ाएगा।
-  धरती पर कुछ खोजने और किसी प्रकार की आपदा के समय बचाव अभियान में भी इसका प्रयोग किया जा सकेगा। 
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned