इस गुफा से आज तक कोई नहीं आया वापस, जीव-जंतुओं तो दूर कीड़े-मकोड़े तक नहीं रहते जिंदा

तुर्की के हीरापोलिस शहर के नजदीक प्लूटो यह एक प्राचीन मंदिर है।
इस मंदिर में एक अंधेरी गुफा है।
जो भी इस गुफा में अंदर जाता है, वो फिर जिंदा लौटकर नहीं आता।

By: Shaitan Prajapat

Published: 16 Dec 2020, 05:01 PM IST

नई दिल्ली। इस दुनिया में चीजें ऐसी है, जिनका रहस्य आज भी बरकरार है। हालांकि आज विज्ञान में बहुत आगे तक तरक्की कर ली है। लेकिन कुछ चीजों उनके लिए आज भी एक अनसुलझी पहले बनी हुई है। वैज्ञानिकों इन पर खूब रिचर्स किया लेकिन वो किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। आज आपको एक ऐसी ही जगह के बारे में बताने जा रहे है। तुर्की के हीरोपोलिस शहर के पास एक बहुत प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में एक अंधरी गुफा है। ऐसा कहाते है इस गुफा में अंदर गया हुई आज तक कोई भी जिंदा नहीं लौटा है। इसलिए लोग इसे नरक का दरवाजा भी कहते है।

कोई नहीं लौटा जिंदा
ऐसा कहा जाता है कि तुर्की के हीरापोलिस शहर के पास प्लूटो बहुत ही प्राचीन मंदिर है, जो आज भी एक रहस्य बना हुआ है। इस मंदिर में एक अंधेरी गुफा बनी हुई है। ऐसा कहा जाता है कि इस गुफा के अंदर गया हुई आज तक वो जिंदा लौटकर नहीं आया है। इस गुफा को मौत की गुफा कहा जाए तो गलत नहीं होगा। स्थानीय लोग इसको नरक का दरवाजा भी कहते है।

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कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा ज्यादा
इस रहस्यमय गुफा के बारे में वैज्ञानिक भी पता नहीं लगा पाए है कि ऐसा क्या है जो वहां से कोई लौटकर नहीं आ सकता है। हालांकि उनका एक तर्क है कि गुफा के अंदर ऑक्सीजन की कमी है। वहां पर कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा अधिक होने से जीवन-जंतु अंदर जिंदा नहीं रह पाते हैं। इसके साथ एक किवदंती जुड़ी हुई है। लोग मानते हैं कि ये मौतें यूनानी देवता की जहरीली सांसों की वजह से हो रही है।

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कीड़े-मकोड़े तक नहीं रहते जिंदा
ऐसा कहा जाता है कि ग्रीक और रोमन काल में यहां आसपास दिखने वालों के सिर काट दिए जाते थे। इसलिए लोग यहां आने से डरते थे। हालांकि वैज्ञानिक दावा करते हैं कि उन्होंने यहां होने वाली मौतों की गुत्थी सुलझा ली है। उनका तर्क है कि मंदिर के पीछे नीचे लगातार कार्बन डाई ऑक्साइड गैस का रिसाव होता है। एक रिसर्च का दावा है कि प्लूटो मंदिर के नीचे बनी गुफा में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा 91 प्रतिशत तक है। इसकी वजह से जीव-जंतुओं का दम घुट जाता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस गुफा में इंसान तो दूर, कीड़े-मकोड़े तक जिंदा नहीं रह पाते हैं।

Shaitan Prajapat
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