सियासी चोला पहनने के लिए आतंकी हाफिज सईद ने पाकिस्तान में बनाई राजनीतिक पार्टी

सियासी चोला पहनने के लिए आतंकी हाफिज सईद ने पाकिस्तान में बनाई राजनीतिक पार्टी

kundan pandey | Updated: 04 Aug 2017, 09:33:00 AM (IST) New Delhi

 पाकिस्तान में जारी राजनीतिक उथल-पुथल ने हाफिज सईद को राजनेता का चोला पहनने का सुनहरा मौका दे दिया है।

नई दिल्ली। पिछले छह महीने से पाकिस्तान में नजरबंदी का सामना कर रहा आतंकी सरगना हाफिज सईद सियासत में उतरने का मन बना चुका है। पाकिस्तान में जारी राजनीतिक उथल-पुथल ने उसे राजनेता का चोला पहनने का सुनहरा मौका दे दिया है। पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के अनुसार हाफिज सईद नए नाम से पार्टी का रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है।

राजनीतिक पार्टी को मान्यता देने के लिए चुनाव आयोग में दी है अर्जी
दरअसल हाफिज सईद ने अपने संगठन जमात-उद-दावा की ओर से पाकिस्तान चुनाव आयोग में 'मिल्ली **** लीग' के नाम से राजनीतिक पार्टी को मान्यता देने के लिए अर्जी दी है। पनामा केस में नवाज शरीफ के पीएम की कुर्सी गंवाने के कारण पाकिस्तान में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। ऐसे में हाफिज सईद मानता है कि राजनीति में कदम में रखने के लिए यह सबसे बेहतर मौका है क्योंकि पाकिस्तानी सेना और आईएसआई में हाफिज सईद की अच्छी पैठ है। अगर चुनाव आयोग से उसकी संस्था 'मिल्ली **** लीग' को राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता मिल जाती है तो फिर ये आतंक का आका पाकिस्तान की राजनीति में अपने पैर जमाने की पुरजोर कोशिश करेगा।

30 जनवरी से नजरबंद है सईद
हाफिज सईद 30 जनवरी से नजरबंद है। यह कार्रवाई अमरीका की उस चेतावनी के बाद की गई है, जिसमें अमेरिका ने कहा था कि अगर जमात-उद-दावा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह पाकिस्‍तान पर प्रतिबंध लगा सकता है। बता दें, 26/11 मुंबई आतंकी हमले का हाफिज सईद मास्टरमाइंड है और भारत इसके खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग कर रहा है। गौरतलब है कि हाफिज सईद की नजरबंदी को गत 2 अगस्त को ही बढ़ाया गया है। यही वजह है कि हाफिज सईद अब सियासत के जरिए पाकिस्तान में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।

पाक सरकार ने माना था, सईद आतंकी गतिविधियों में शामिल है
पाकिस्तान सरकार ने माना था कि हाफिज़ सईद आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है, इसलिए उसे नजरबंद रखा गया है। आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने ज्यूडीशियल रिव्यू बोर्ड के सामने उसकी नजरबंदी को सही ठहराते हुए ये बात कही है। हाफिज़ सईद और उसके चार साथी जेहाद के नाम पर आतंकवाद फैला रहे हैं। ये कहना है पाकिस्तान के गृह मंत्रालय का। इसी आधार पर पाकिस्तान की सरकार ने हाफिज सईद की नज़रबंदी को सही ठहराया है। हालांकि हाफ़िज़ सईद पर ये आरोप पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी गतिविधियां चलाने को लेकर है।

Hafeez Saeed

जिहाद के नाम पर आतंक फैलाने के लिए किया गया है नजरबंद
सईद जब न्यायिक समीक्षा बोर्ड के समक्ष पेश हुआ था और उसने बताया कि पाकिस्तान सरकार ने कश्मीरियों की आवाज बुलंद करने से रोकने के लिए उसे नजरबंद किया है। बहरहाल, गृह मंत्रालय ने उसकी दलीलों को खारिज कर दिया और तीन सदस्यीय बोर्ड से कहा कि सईद और उसके चार साथियों को जिहाद के नाम पर आतंकवाद फैलाने के लिए नजरबंद रखा गया है।

एटॉर्नी जनरल को अदालत ने किया था तलब
न्यायमूर्ति एजाज अफजल खान (सुप्रीम कोर्ट), न्यायमूर्ति आएशा ए मलिक (लाहौर हाई कोर्ट) और न्यायमर्ति जमाल खान मंदोखल (बलूचिस्तान हाई कोर्ट) की मौजूदगी वाले बोर्ड ने मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह सईद और उसके चार साथियों - जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद, अब्दुल्ला उबैद और काजी कासिफ नियाज को नजरबंद किए जाने को लेकर होने वाली अगली सुनवाई पर पूरा रिकॉर्ड सौंपे। बोर्ड ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई पर पाकिस्तान के एटॉर्नी जनरल खुद उपस्थित हों।

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