डीआरडीओ ने सीमा सुरक्षा पर कैंटीन ब्वॉय से दिलाया प्रजेंटेशन

भारतीय सेना के लिए शोध और अत्याधुनिक उपकरण तैयार करने वाले डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है

By: शंकर शर्मा

Published: 09 Oct 2016, 11:33 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय सेना के लिए शोध और अत्याधुनिक उपकरण तैयार करने वाले डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। सीमा सुरक्षा पर कॉन्फ्रेंस में प्रजेंटेशन देने वाले वैज्ञानिक नहीं पहुंचे थे। ऐसे में डीआरडीओ ने कैंटीन ब्वॉय को प्रजेंटेशन देन के लिए कहा। दो दिन तक चली कॉन्फ्रेंस में उसने सीमा से जुड़े विषय पर जानकारी दी।

हिमालय से लगी सीमा पर थी चर्चा
सम्मेलन का विषय वैज्ञानिक एवं तकनीकी संगोष्ठी था। इसमें हिमालय में फैली भारतीय सीमा पर बात होनी थी। डीआरडीओ कैसे सेना की मदद कर सीमा की सुरक्षा में योगदान देता है और आगे कैसे योगदाग देगा। हिन्दी भाषा को बढ़ावा देने के लिए इसे हिन्दी में आयोजित किए जाने का निर्णय किया गया था।

अधिकारी बोले, इन्हें भी एन्जॉय करने दो
आयोजन का काम देखने वाले अधिकारी ने बताया कि जैसे ही सभी ने इसमें भाग लेने से मना किया तो स्थिति तनावपूर्ण थी। मुझे ऊपर से निर्देश था कि नॉन टेक्निकल स्टाफ को इसमें भाग लेने दो। इन्हें एन्जॉय करने दो। सूत्रों का कहना है कि अंतिम समय पर योग्य लोग न मिलने के कारण अन्य लोगों को भेजा गया।


बीमारी और दूरी का बनाया बहाना
बैठक में जिन वैज्ञानिकों व अधिकारी को भाग लेना था, वो भी नहीं पहुंचे थे। किसी ने बीमारी का हवाला दिया तो किसी ने दूरी को बड़ी वजह बताया। स्थिति से घबराए डीआरडीओ ने नॉन टेक्निकल स्टाफ भेज दिया। कॉन्फ्रेंस का आयोजन डीआरडीओ के उत्तराखंड स्थित डिफेंस इंस्टीट्यूट्स ऑफ बायो एनर्जी रिसर्च (डीआईबीईआर) ने किया था।


इन लैबोरेट्री ने नॉन टेक्निकल स्टाफ भेजा
आईटीएम (मसूरी)
डीईएएल (देहरादून)
टीबीआरएल (चंडीगढ़)
एसएएएसई (चंडीगढ़)
डीआईबीईआर
शंकर शर्मा
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