scriptThe hope of the people of Delhi arose due to the return of agricultura | कृषि कानून वापसी से जगी दिल्ली वासियों की उम्मीद, आवागमन होगा सुलभ, होगी बचत | Patrika News

कृषि कानून वापसी से जगी दिल्ली वासियों की उम्मीद, आवागमन होगा सुलभ, होगी बचत

- करीब 5 हजार करोड़ का कारोबार हो रहा था प्रभावित

- साल भर से बेकार, पेट्रोल पंप, मैरेज हॉल, दुकानदारों की जगी उम्मीद

- प्रतिदिन आवागमन करने वालों का बचेगा समय

नई दिल्ली

Published: November 19, 2021 04:47:39 pm

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृषि कानून वापसी की घोषणा के बाद जल्द दिल्ली की सीमाओं पर से किसानों का पड़ाव खत्म करने की उम्मीद जग गई है। दिल्लीवासी इसको लेकर काफी उत्साहित है और बॉर्डर पर आवागमन जल्द सुचारू होने की उम्मीद है।
कृषि कानून वापसी से जगी दिल्ली वासियों की उम्मीद, आवागमन होगा सुलभ, होगी बचत
कृषि कानून वापसी से जगी दिल्ली वासियों की उम्मीद, आवागमन होगा सुलभ, होगी बचत
दिल्ली के सिंघू, टिकरी, गाजीपुर और राजस्थान के शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन के चलते पिछले एक साल से आवागमन बाधित था, जिसके चलते प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे थे। साथ ही उन सड़कों पर स्थित पेट्रोल पंप, मैरिज हॉल, रेस्टोरेंट, ढाबे, फुटकर दुकानदार बुरी तरह से प्रभावित हो रहे थे। पिछले एक साल से आवागमन बन्द होने के चलते सबकुछ थम सा गया था। वहीं वैकल्पिक सड़कों होकर आवागमन से समय के साथ ईंधन भी ज्यादा लग रहा था।
दिल्ली से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान या उत्तरप्रदेश जाने वाले लोगों के आवागमन का समय पिछले एक साल से बढ़ गया था और हाइवे छोड़कर अन्य सड़क से गुजरने से ईंधन व समय की खपत बहुत बढ़ गई थी। हालांकि कुछ समय पूर्व गाजीपुर और शाहजहांपुर बॉर्डर पर एक सड़क छोटे वाहनों के लिए अवश्य खोली गई थी लेकिन उससे राहत नहीं मिल पाई थी।
करीब 5 हजार करोड़ का कारोबार हो रहा था प्रभावित

दिल्ली और आसपास के राज्यों में सड़क जाम होने के चलते करीब 5 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। कंफेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स ने यह दावा किया था। एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली आने वाले माल का करीब 30 से 40 फीसदी माल की आवाजाही किसान आंदोलन से प्रभावित हुई है। इसका विपरीत असर दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के व्यापार पर भी पड़ा है।
श्रमिकों का प्रतिदिन 50 रुपए बढ़ गया था खर्च

सिंघू बॉर्डर पर फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिक उमेश कुमार का कहना है कि उनका प्रतिदिन पेट्रोल का 50 से 60 रुपए ज्यादा खर्च हो रहा था। एकतरफ महंगाई की मार और दूसरी ओर आवागमन में खर्च बढ़ गया था, अब उम्मीद है राहत मिलेगी। गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर से प्रतिदिन आवागमन में लोगों को काफी समय लग रहा था, उन्हें भी अब राहत मिलेगी।
पेट्रोल पम्प संचालक और मैरेज हॉल वालों की जगी उम्मीद

पेट्रोल पंप और मैरेज हॉल चलाने वालों को अब उम्मीद जग गई है कि पुराने दिन लौट आएंगे। बॉर्डर खुलने से वाहनों के ईंधन की खपत घटेगी और बचत बढ़ेगी। पिछले एक साल से बेकार हुए आसपास के छोटे दुकानदारो को भी अब पुराने दिन लौट आने की उम्मीद जगी है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

भाजपा की दर्जनभर सीटें पुत्र मोह-पत्नी मोह में फंसीं, पार्टी के बड़े नेताओं को सूझ नहीं रह कोई रास्ताविराट कोहली ने छोड़ी टेस्ट टीम की कप्तानी, भावुक मन से बोली ये बातAssembly Election 2022: चुनाव आयोग ने रैली और रोड शो पर लगी रोक आगे बढ़ाई,अब 22 जनवरी तक करना होगा डिजिटल प्रचारभारतीय कार बाजार में इन फीचर के बिना नहीं बिकेगी कोई भी नई गाड़ी, सरकार ने लागू किए नए नियमUP Election 2022 : भाजपा उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी, गोरखपुर से योगी व सिराथू से मौर्या लड़ेंगे चुनावमौसम विभाग का इन 16 जिलों में घने कोहरे और 23 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, जबरदस्त गलन से ठिठुरा यूपीBank Holidays in January: जनवरी में आने वाले 15 दिनों में 7 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखिए पूरी लिस्टUP School News: छुट्टियाँ खत्म यूपी में 17 जनवरी से खुलेंगे स्कूल! मैनेजमेंट बच्चों को स्कूल आने के लिए नहीं कर सकता बाध्य
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.