कैप्टन को सीएम पद से हटाने की मांग करने वाले मंत्रियों ने अब पत्र लिखकर कर दी ये मांग

पंजाब कांग्रेस में आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। अब कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री (cm captain amrinder singh) के पद से हटाने की मांग करने वाले दो मंत्रियों कैप्टन से मिलने का समय मांगा है। बता दें कि त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा (Tripat singh Bajwa) और सुखजिंदर सिंह रंधावा (Sukhjinder singh Randhawa) ने बटाला को नया जिला बनाने (Batala a new district) की मांग की है।

By: Nitin Singh

Updated: 05 Sep 2021, 02:05 PM IST

नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। अब कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री (cm captain amrinder singh) के पद से हटाने की मांग करने वाले दो मंत्रियों कैप्टन से मिलने का समय मांगा है। बता दें कि त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा (Tripat singh Bajwa) और सुखजिंदर सिंह रंधावा (Sukhjinder singh Randhawa) ने बटाला को नया जिला बनाने (Batala a new district) की मांग करते हुए उन्हें पत्र भी लिखा है। दोनों ने इस विषय पर चर्चा करने के लिए अमरिंदर सिंह (cm amrinder singh) से मिलने के लिए समय मांगा है। इसके साथ ही तेहगढ़ चूरियां और श्री हरगोबिंदपुर या घूमन को भी इस नए जिले का सब-डिविजन बनाने की मांग भी की है। फिलहाल सीएम की ओर से अभी इस मामले में कोई जवाब नहीं आया है।

सरकार के प्रवक्ता ने दी जानकारी

पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री (cm amrinder singh) से इस मामले में जल्द से जल्द मिलने का समय देने की मांग की है। दोनों मंत्री बटाला को पंजाब का 24वां जिला बनाने की मांग कर रहे है। मंत्रियों का कहना है कि इलाके की जनता लंबे समय से बटाला (batala) को नया जिला बनाने की मांग कर रही है और इलाके के विकास के लिए यह जरूरी भी है।

मंत्रियों ने ऐतिहासिक महत्व का दिया हवाला

मंत्रियों द्वारा सीएम को भेजे गए पत्र में लिखा कि बटाला (batala) एक ऐतिहासिक शहर है और इसे वो सम्मान नहीं दिया गया, जिसका वो हकदार था। पत्र में लिखा गया है कि 'बटाला पंजाब (punjab) का महत्वपूर्ण शहर था, जिससे ऐतिहासिक, धार्मिक, सामाजिक और साहित्यिक विरासत जुड़ी हुई है। बठिंडा के बाद बटाला पंजाब का सबसे पुराना जिससे ऐतिहासिक, धार्मिक, सामाजिक और साहित्यिक विरासत जुड़ी हुई है।

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पत्र में आगे लिखा है, 'सिखों के पहले गुरु नानक देव ने 8 जुलाई 1487 को माता सुलखनी से इसी शहर में शादी की थी। यहां गुरुद्वारा डेरा साहिब और गुरुद्वारा कंध साहिब उनकी स्मृतियां हैं। 6वें गुरु हरगोबिंद भी अपने बेटे की शादी के लिए इसी शहर में आए थे और उनकी याद में गुरुद्वारा सत करतारिया को शहर के बीच बनाया गया है। गौरतलब है कि बठिंडा के बाद बटाला पंजाब का सबसे पुराना शहर है, जिसे 1465 में बसाया गया था। आबादी के लिहाज से भी ये 8वां सबसे बड़ा शहर है, जहां पिछले साल नगर निगम घोषित किया गया था।

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