United Nation: कोरोना वायरस से जुड़ी गलत जानकारियों के कारण लाखों लोगों की जीविका पर असर पड़ा

Highlights

  • फर्जी समाचारों और छेड़-छाड़ किए गए वीडियो से समाज को बांटने की कोशिश की गई।
  • दुनिया भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) से अब तक दो करोड़ 80 लाख मामले सामने आए हैं।

By: Mohit Saxena

Published: 11 Sep 2020, 10:05 PM IST

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि कोविड-19 (Covid-19)को लेकर भारत में गलत सूचनाओं के प्रसार हो रहा है। यहां पर सूचनाओं और वीडियो में छेड़छाड़ कर गलत जानकारियां लोगों तक पहुंच रही है। संयुक्त राष्ट्र की 74वीं महासभा के 'शांति की संस्कृति' कार्यक्रम में कोविड-19 के दीर्घकालीन प्रभावों पर चर्चा की गई। इसमें कोविड के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। दुनिया भर में कोरोना से अब तक दो करोड़ 80 लाख मामले सामने आए हैं। वहीं करीब नौ लाख लोगों की मौत हो चुकी है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर पाउलोमी त्रिपाठी का कहना है कि इस वैश्विक महामारी से ये पता चला है कि भारत में लोगों को गलत सूचनाएं मिल रही है। जिससे समाज के लोग दुविधा की स्थिति में हैं। इसने लाखों लोगों की जीविका को खतरे में डाल दिया। फर्जी समाचारों और छेड़-छाड़ किए गए वीडियो से समाज को बांटने की कोशिश की गई। बीमारी से निपटने को लेकर प्राधिकारियों में भरोसे को कमजोर किया है।'

त्रिपाठी के अनुसार अहम प्रक्रियाओं और सकारात्मक बदलाव में रुकावटे आ रहीं हैं। त्रिपाठी के अनुसार महामारी के बीच सामाजिक एवं राजनीतिक शत्रुता में बढ़ोतरी हुई है। महामारी के दौरान हिंसा, कट्टरता और भेदभाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हमें देशों और प्रौद्योगिकी समेत अन्य साझीदारों के बीच अधिक सहयोग चाहिए।

भरोसा कम होने का खतरा

इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस का कहना है कि महामारी के कारण विकसित देशों में भी सार्वजनिक संस्थाओं एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर भरोसा कम है। इस संकट के बीच यह और अधिक जरूरी है कि वैश्विक सहयोग का आधार लेकर शांति और संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए।

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