सरदार पटेल से भी ऊंची बनेगी छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा, होगा दुनिया का सबसे ऊंचा स्टैच्यू

Kaushlendra Pathak

Publish: Apr, 17 2018 04:01:15 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2018 04:19:51 PM (IST)

New Delhi, Delhi, India
सरदार पटेल से भी ऊंची बनेगी छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा, होगा दुनिया का सबसे ऊंचा स्टैच्यू

दुनिया की सबसे ऊंची छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा का निर्माण कार्य मॉनसून के बाद शुरू हो जाएगा।

नई दिल्ली। गुजरात में बनने वाली सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा से भी ऊंची होगी महाराष्ट्र में बनने वाली छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा। शिवाजी की यह प्रतिमा अरब सागर में बनेगी। इस स्टैच्यू का निर्माण कार्य मॉनसून के बाद शुरू हो जाएगा। शिवाजी महाराज स्मारक को बनाने में करीब 36 महीने यानी तीन साल का वक्त लगेगा। बताया जा रहा है कि स्मारक का एरिया अरब सागर के 15.96 हेक्टेयर चट्टानी बेस के साथ-साथ राजभवन के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में 1.2 किलोमीटर तक रहेगा।

210 मीटर होगी प्रतिमा की ऊंचाई

बताया जा रहा है कि छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा की ऊंचाई 210 मीटर होगी। राज्य सरकार ने बताया कि इस स्टैच्यू को तैयार करने में 2500 करोड़ रुपए की लागत आएगी। साथ ही इस स्टैच्यू का निर्माण कार्य L&T करेगी। इस प्रोजेक्ट को लीड कर रहे विधायक विनायक मेटे (Vinayak Mete) ने बताया कि अक्टूबर में इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यह राज्य का बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। इसलिए, इसके निर्माण कार्य शुरू करने पहले से सारे तथ्यों पर गौर किया गया और उसके बारे में स्टडी की गई। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी मॉनिटरिंग करंगे। उन्होंने बताया कि निर्माण स्थल पर वर्कर और मेटेरियल को पहुंचाने के लिए चार घाट (jetties) का इस्तेमाल किया जाएगा। इनमें गेटवे ऑफ इंडिया, गोरे (Gorai), नेवी मुंबई और एनसीपीए शामिल हैं।

कांस्य मिश्र धातु से बनेगी प्रतिमा

विनायक मेटे ने बताया कि शिवाजी की प्रतिमा कांस्य मिश्र धातु से बनाया जाएगा। ताकि प्रतिमा खारा समुद्री वातावरण, जंग और हवा के दबाव का सामना कर सके। इसके अलावा दो चरणों में स्मारक और उससे संबंधित सुविधाओं के लिए लगभग 10 हेक्टेयर का एक क्षेत्र चट्टान पर विकसित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह प्रतिमा 210 मीटर ऊंची बनानी है, जो कि चीन के हेनन प्रांत स्थित बुद्धा टेम्पल (208 मीटर) से दो मीटर ऊंची होगी।

इन खूबियों से होगी लैस

इस मेमोरियल में शिवाजी, दो जेटी, लाइब्रेरी, हेलीपैड, मेडिकल सुविधा, रंगभूमि और म्यूजिम होंगे। गौरतलब है कि पिछले 15 सालों से यह प्रोजक्ट ठंडे बस्ते में था। लेकिन, अब सरकार की ओर से हरि झंडी मिलते ही मॉनसून के बाद से इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

1
Ad Block is Banned