script110 विद्यार्थियों की फीस डकार गया अकाउंटेंट, तीन साल में 33 लाख रुपए की हेराफेरी की | Patrika News
समाचार

110 विद्यार्थियों की फीस डकार गया अकाउंटेंट, तीन साल में 33 लाख रुपए की हेराफेरी की

शहर के एक प्राइवेट फॉर्मेसी कॉलेज के अकाउंटेंट के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ने पिछले तीन साल में करीब 110 विद्यार्थियों द्वारा जमा की गई फीस कॉलेज के बैंक खाते में जमा करने की जगह खुद ही निकाल ली।

सागरJun 17, 2024 / 12:40 pm

Madan Tiwari

33 लाख रुपए की हेराफेरी की

33 लाख रुपए की हेराफेरी की

ऑडिट में हेराफेरी सामने आने के बाद संचालक की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

सागर. शहर के एक प्राइवेट फॉर्मेसी कॉलेज के अकाउंटेंट के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ने पिछले तीन साल में करीब 110 विद्यार्थियों द्वारा जमा की गई फीस कॉलेज के बैंक खाते में जमा करने की जगह खुद ही निकाल ली। रुपयों के हिसाब-किताब में की गई यह गड़बड़ी सामने आने के बाद कॉलेज ने अपने स्तर पर जांच कराई और पुष्टि होने के बाद मोतीनगर थाने में शिकायत की। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी अकाउंटेंट के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए जांच में लिया है। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, आशंका जताई जा रही है कि हेराफेरी में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
शहर के एक प्राइवेट फॉर्मेसी कॉलेज के अकाउंटेंट के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ने पिछले तीन साल में करीब 110 विद्यार्थियों द्वारा जमा की गई फीस कॉलेज के बैंक खाते में जमा करने की जगह खुद ही निकाल ली। रुपयों के हिसाब-किताब में की गई यह गड़बड़ी सामने आने के बाद कॉलेज ने अपने स्तर पर जांच कराई और पुष्टि होने के बाद मोतीनगर थाने में शिकायत की। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी अकाउंटेंट के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए जांच में लिया है। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, आशंका जताई जा रही है कि हेराफेरी में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
एडिना फॉर्मेसी कॉलेज के संचालक डॉ. सुनील कुमार जैन ने पुलिस से की गई शिकायत में बताया कि नीरज सोनी कॉलेज में क्लर्क के रूप में पदस्थ था। वह कॉलेज का अकाउंट सेक्शन संभालता था, जिसकी जिम्मेदारी विद्यार्थियों की फीस जमा करने की थी। जो भी फीस जमा होती थी नीरज उसे कॉलेज के बैंक खाते में जमा कर देता था, लेकिन नीरज ने ऐसा न करते हुए विद्यार्थियों के चेक स्वयं ही केश करता रहा।

– ऑडिट में सामने आई हेराफेरी

डॉ. सुनील कुमार जैन ने बताया कि जिन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलती है वह कॉलेज की फीस भरने अपने बैंक खाते का चेक जमा कर देते हैं। ऑडिट में हिसाब-किताब में गड़बड़ी सामने आने के बाद जब हमने जांच कराई तो पता चला कि विद्यार्थियों द्वारा फीस के लिए जो चेक जमा किए गए थे उनमें राशि भरकर नीरज ने स्वयं रुपए निकाल लिए। कॉलेज स्तर की जांच में 33 लाख 4176 रुपए की हेराफेरी सामने आई है।

– तीन साल से चल रहा था खेल

प्रबंधन ने जब विद्यार्थियों की फीस का मिलान कराया तो पता चला कि यह खेल पिछले तीन साल से चल रहा था। अकाउंटेंट नीरज सोनी कॉलेज की सील और खाता नंबर डालने की जगह खुद का खाता नंबर डालकर रुपए निकालता रहा। प्रबंधन के अनुसार एक विद्यार्थी की फीस करीब 30 हजार रुपए होती है। शुरूआती जांच में पता चला है कि आरोपी अकाउंटेंट ने करीब 110 विद्यार्थियों की फीस स्वयं निकाल ली है। डॉ. जैन ने बताया कि संस्था द्वारा और भी जांच की जा रही है, जिसमें गबन की राशि बढ़ सकती है।

Hindi News/ News Bulletin / 110 विद्यार्थियों की फीस डकार गया अकाउंटेंट, तीन साल में 33 लाख रुपए की हेराफेरी की

ट्रेंडिंग वीडियो