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ई रिपोर्ट भी संभव, मोबाइल या सीसीटीवी फुटेज अहम साक्ष्य

– एक जुलाई से नए कानून भारतीय न्याय संहिता – आमजन व महिला व बच्चों को जागरूक करेंगे अजमेर.देश में आगामी एक जुलाई से नए कानून लागू होंगे। इसमें कई धाराओं में बदलाव किए गए हैं। इसमें घर बैठे ई रिपोर्ट या प्राथमिकी दर्ज करवाई जा सकती है लेकिन तीन दिनों के भीतर थाने में […]

अजमेरJun 27, 2024 / 11:22 pm

Dilip

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– एक जुलाई से नए कानून भारतीय न्याय संहिता

– आमजन व महिला व बच्चों को जागरूक करेंगे

अजमेर.देश में आगामी एक जुलाई से नए कानून लागू होंगे। इसमें कई धाराओं में बदलाव किए गए हैं। इसमें घर बैठे ई रिपोर्ट या प्राथमिकी दर्ज करवाई जा सकती है लेकिन तीन दिनों के भीतर थाने में जाकर हस्ताक्षर करने होंगे। इसी प्रकार राजद्राेह की धाराओं में बदलाव किए गए हैं। मोबाइल व सीसीटीवी फुटेज को अहम साक्ष्य माना जा सकेगा। पोक्सो व यौन अपराधों में कानून को और सख्त किया गया है।
नए कानून की जानकारी देने के लिए जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में किया गया। संगोष्ठी में संयुक्त निदेशक अभियोजन हेमंत सिंधी ने अध्यक्षता की। संगोष्ठी में सहायक निदेशक अभियोजन (विधिक परामर्श) वीरेन्द्र सिंह राठौड़ ने अहम जानकारियां दीं।मास्टर ट्रेनर वीरेन्द्र सिंह राठौड ने बताया कि मोबाईल या सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को साक्ष्य में रखा गया,लेकिन इसके लिए सम्बंधित व्यक्ति से यह प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा कि उनकी मोबाईल या सीसीटीवी कैमरे से यह साक्ष्य प्राप्त किया गया है।
भारतीय न्याय संहिता

संगोष्ठी में वक्ताओं ने बताया कि नवीन विधियों के नामोंं मे भी बदलाव किए गए हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के प्रावधानों की जानकारी आमजन व महिलाओं और बच्चों को दी गई। इसमें संगोष्ठी में सहायक निदेशक अभियोजन भ्रष्टाचार निवारण मामलात, अजमेर सहित जिले के अन्य अभियोजन व सहायक अभियोजन अधिकारियों ने विचार व्यक्त किए।
प्रमुख बदलावों की दी जानकारी

अभियोजन की मास्टर ट्रेनर टीम ने बताया कि किए गए बदलाव में पीडित व्यक्ति या पुलिस थाने में ई-रिपोर्ट भी दर्ज करवाई जा सकती है, लेकिन तीन दिन में थाने जाकर ई-रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने होंगे। पीडित व्यक्ति अब किसी भी थाने में रिपोर्ट दे सकता है, वो जीरो नम्बर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
धाराओं में बदलावहत्या की धारा 302 की बजाय अब धारा 103, दुष्कर्म की धारा 376 की बजाय धारा 63, हत्या का

प्रयास की धारा 307 की बजाय 109 होगी।

नवीन कानूनी में यदि कोई व्यक्ति बाहर रहता है और देश में कोई आपराधिक गतिविधियों का संचालन करता है तो उनके विरूद्ध कार्यवाही होगी।
विध्वंसक गतिविधियों में राजद्राेह अपराध

नए कानून में राजद्रोह को खत्म किया गया साथ ही आतंकवाद को परिभाषित किया गया है। यौन अपराधों के लिए कडीसजा का प्रावधान है नवीन कानून में राजद्रोह वाले बिन्दु को हटाया गया है हालाकि सशस्त्र क्रांति विध्ववंसक गतिविधियों और अलगाववादि कार्यो के कारण होने वाले राजद्रोह को क्रिमिनल ऑफेंस माना जाएगा।
बालिकाओं संग गैंगरैप को पोक्सो से जोड़ा

नरम प्रावधानों का फायदा उठाने वाले आरोपी व्यक्तियों को रोकने के लिए कई बदलाव हैं इनमें बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले को पोक्सो के साथ जोडा गया है। नाबालिग के साथ गैंग रैप को नए अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
रिपोर्ट की जांच 14 दिन में करनी होगी

अब सम्बंधित व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज करनी अनिवार्य है लेकिन थानाधिकारी उक्त रिपोर्ट पर कोई संदेह हो तो वह उपअधीक्षक से सम्पर्क कर उक्त रिपोर्ट को 14 दिवस तक जांच के लिए रख सकते हैं। मोबलिचिंग में हत्या व स्थाई विकलांगता नवीन विधि में कठोर प्रावधान किए गए हैं। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने मास्टर ट्रेनर ने सवालों के भी जवाब दिए। कार्यशाला में अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) गजेन्द्र सिंह राठौड जिले के समस्त पुलिस उपअधीक्षक व थानाधिकारी तथा आमजन मौजूद रहे।

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