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शिक्षा विभाग की रैकिंग बाड़मेर अव्वल, सीकर का ताज छिना

सीकर. शिक्षा विभाग की रैंकिंग में शेखावाटी के तीनों जिले इस बार शिखर से फिसल गए हैं। पिछले महीने पहले स्थान पर रहा सीकर इस बार सीधे 13वें स्थान पर लुढ़क गया है। वहीं, दूसरे व चौथे स्थान पर रहे चूरू व झुंझुनूं भी 10वें व 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। सीकर का ताज […]

सीकरJun 11, 2024 / 12:38 pm

Sachin

सीकर. शिक्षा विभाग की रैंकिंग में शेखावाटी के तीनों जिले इस बार शिखर से फिसल गए हैं। पिछले महीने पहले स्थान पर रहा सीकर इस बार सीधे 13वें स्थान पर लुढ़क गया है। वहीं, दूसरे व चौथे स्थान पर रहे चूरू व झुंझुनूं भी 10वें व 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। सीकर का ताज 57.27 अंक के साथ बाड़मेर ने छीना है।

तीनों जिलों के घटे अंक

शिक्षा विभाग की रैंकिंग में सीकर, चूरू व झुंझुनूं तीनों जिलों के अंक घटे हैं। पिछले महीने सीकर के 55.00, चूरू के 54.13 व झुंझुनूं के 53.41 अंक थे। जो इस बार 38.45, 40.00 व 39.40 रहे। इसी के चलते पिछले महीने टॉप— 5 में शामिल रहे तीनों जिलों की रैकिंग में भी गिरावट दर्ज हुई है।

जालौर सबसे फिसड्डी

शिक्षा विभाग की रैंकिंग में इस बार जालौर सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। जालौर ने पूरे महीने में 26.45 अंक ही हासिल किए। इसके बाद 29.09 अंकों के साथ टोंक, 30.00 अंक के साथ सिरोही, 31.89 अंक सहित बीकानेर तथा 32.23 अंक के साथ बांसवाड़ा पांच पिछड़े जिलों में शामिल रहे।

यूं होता है मूल्यांकन

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जिलों की रैंकिंग चार आधारों पर तय करता है। ये आधार शैक्षिक, नामांकन, सामुदायिक सहभागिता व आधारभूत सुविधाएं हैं। इसमें शैक्षणिक श्रेणी के 100, नामांकन व सामुदायिक सहभागिता के 20-20 तथा आधारभूत सुविधाओं के 10 अंक तय हैं। शैक्षणिक श्रेणी के अंकों को 7, नामांकन व सामुदायिक सहभागिता के अंकों को 3-3 तथा आधारभूत सुविधाओं के अंकों को 2 बिंदुओं में बांटा गया है। इस तरह कुल 150 अंकों में से जिलों को उनके कार्यों के हिसाब से अंक दिए जाते हैं।

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