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ब्लड रिपोर्ट दूसरे दिन मिल रही, सोनोग्राफी हो रही हफ्ते में सिर्फ दो दिन..

-जिला अस्पताल में एमसीएच के हाल, चेकअप कराने पहुंच रही बीमार महिलाओं की बढ़ रही भीड़, प्रसूताओं की संख्या ज्यादा।
-चेकअप के बाद जांच रिपोर्ट दिखाने दूसरे दिन भी आने मजबूर महिलाएं

दमोहJun 11, 2024 / 07:40 pm

आकाश तिवारी

-जिला अस्पताल में एमसीएच के हाल, चेकअप कराने पहुंच रही बीमार महिलाओं की बढ़ रही भीड़, प्रसूताओं की संख्या ज्यादा।
-चेकअप के बाद जांच रिपोर्ट दिखाने दूसरे दिन भी आने मजबूर महिलाएं
पत्रिका लाइव
दमोह. जिला अस्पताल के एमसीएच में इन दिनों इलाज कराने पहुंच रही महिलाओं की संख्या बहुत ज्यादा है। स्थिति यह बन रही है कि कई बीमार महिलाओं को बैठने तक के लिए जगह नहीं बच रही है। इधर, इलाज मिलने में भी महिलाओ को ४८ घंटे से अधिक समय लग रहा है। पत्रिका ने जब पड़ताल की तो मालूम चला कि पर्ची बनने के बाद प्रसूताओं को टोकन दिए जाते हैं। सभी अपनी पारी आने का इंतजार करती हैं। ओपीडी में चेकअप कराने के बाद ही सही परेशानी शुरू होती है। यदि डॉक्टर ने ब्लड टेस्ट, एचआइवी जांच या फिर सोनोग्राफी जांच लिखी है तो बीमार महिलाओं को पूर्ण इलाज के लिए एक दिन का इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि जांच रिपोर्ट अक्सर दूसरे दिन ही मिलती है।
वहीं, सोनोग्राफी जांच की बात करें तो यहां पर सिर्फ इंमरजेंसी केस में ही प्रतिदिन सोनोग्राफी होती है। सामान्य स्थिति में हफ्ते में दो दिन ही सोनोग्राफी जांच हो रही है। मंगलवार को लगभग १३० महिलाओं ने पंजीयन कराए थे। दोपहर ढाई बजे तक ११३ महिलाओं के पंजीयन हुए थे।
-बाहर बैठने मजबूर महिलाएं
पड़ताल के दौरान अंदर और बाहर का नजारा एक सा दिखाई दिया। जितनी संख्या में महिलाएं एमसीएच के अंदर बैठी थी। उतनी संख्या में महिलाएं जगह न होने के कारण बाहर बैठी नजर आईं। इनमें गर्भवती महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। प्रसव पूर्व चेकअप कराने, बच्चादानी में समस्या व अन्य परेशानियों को लेकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं इलाज कराने के लिए पहुंच रही हैं।
-छह में से २ चिकित्सक बैठ रही ओपीडी में
जिला अस्पताल में स्त्रीरोग विशेषज्ञों की संख्या ०६ है। हालांकि ओपीडी टाइम १० से ३ बजे तक सिर्फ दो विशेषज्ञ ही बैठती हैं। प्रबंधन का कहना है कि अन्य विशेषज्ञों में से सिजेरियन करने, एक वार्ड में राउंड लेने जैसे काम लिए जाते हैं। एक चिकित्सक सप्ताह में एक दिन हटा जाती हैं। एक सोनोग्राफी करती हैं।
-भीड़ देखकर हो रही हालत खराब
यहां पर कुछ महिलाओं से बात की। बड़ापुरा निवासी प्रेमाबाई ने बताया कि वह अपनी बहु को सुबह १०.३० बजे चेकअप कराने आई थी। दो बज गए हैं, लेकिन अभी तक ब्लड की रिपोर्ट नहीं मिली। चेनपुरा निवासी आशा बाई ने बताया कि वह दोपहर १ बजे चेकअप कराने आई थी, लेकिन ढाई बजे तक नंबर नहीं लगा।
फैक्ट फाइल
६० से ६५ ब्लड टेस्ट प्रतिदिन
४५ से ५० एचआइवी जांच।
१०० से १२० पैथोलॉजी जाच।
६५ से ७० पंजीयन प्रतिदिन

वर्शन
यह बात सही है कि भीड़ बहुत हो रही है, लेकिन सभी का इलाज हो रहा है। जांच रिपोर्ट आने में वक्त लगता है। एमसीएम में सुविधाएं पूरी हैं।
डॉ. राजेश नामदेव, सिविल सर्जन दमोह

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