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लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में लटक रहा ताला, ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा लाभ

पानी की टंकी भी हो गई गायब

उमरियाJun 26, 2024 / 03:49 pm

Ayazuddin Siddiqui

पानी की टंकी भी हो गई गायब

पानी की टंकी भी हो गई गायब

आदिवासी बाहुल्य उमरिया जिले के स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत गांव-गांव में सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के बाद से ही तमाम सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में ताला लगा हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों में आक्रोश व्यक्त है। बताया गया कि एक सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्माण में लगभग 3 लाख 43 हजार रुपए खर्च किए गए हैं। वहीं जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम पंचायत में बने सैकड़ों स्वच्छता परिसरों के निर्माण में करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए, जिसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
शोपीस बनकर रह गया स्वच्छता परिसर
जिले के जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम मुदरिया और बेली जहां एक नहीं बल्कि दो-दो सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कहने को तो उनके गांव में करीब डेढ़ साल पहले दो सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण कराया गया था और निर्माण के बाद से ही दोनों स्वच्छता परिसर में पंचायत के जिम्मेदारों ने ताला लगा रखा है जिनके कारण स्थानीय लोग उनका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता परिसर बनने के बाद यह सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है।
पानी की टंकी भी कुछ दिन बाद गायब
ग्राम पंचायत बकेली के रहने वाले राकेश सिंह एवं राम प्रसाद ने बताया कि गांव में कोई भी सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन होता है तब बोलने पर भी स्वच्छता परिसर का ताला नहीं खोला जाता। मुकेश ने बताया कि निर्माण के बाद सिर्फ एक बार ही ताला खोला गया था। यह भी बताया गया कि ग्राम भौतरा और चौरी में बने सामुदायिक स्वच्छता परिसरों से पानी की टंकी ही गायब हो चुकी है और यहां पानी का कोई इंतजाम नहीं है। मुदरिया में सडक़ किनारे बने सामुदायिक स्वच्छता परिसर का न तो ताला खुलता और नही पानी की सुविधा है।
गंदगी का लगा अंबार
जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम पंचायत के सचिव से जब सामुदायिक स्वच्छता परिसर में ताला लगा होने के बारे में जानकारी चाही गई तो उन्होंने बहाना बनाते हुए ताला खुलवाया दिया। सचिव ने लापरवाही को छिपाते हुए कहा कि स्वच्छता परिसर में कुछ देर पहले ही ताला लगाया गया है। जबकि ग्रामीणों ने बताया कि स्वच्छता परिसर का ताला कभी नहीं खुलता। ग्राम अमिलिहा, मेंढक़़ी, बड़वाही, ओदरी के ग्रामीणों ने बताया कि सामुदायिक स्वच्छता परिसर ताला लगा होने के कारण हाइवे से गुजरने वाले मुसाफिर एवं स्थानीय लोग इसका उपयोग नहीं कर पाते हैं।

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