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चिंता: जल्द मानसूनी बारिश नहीं हुई तो शहर में गहरा सकता है पेयजल संकट

खाली होने की कगार पर जलापूर्ति करने वाले शहर के तीनों तालाब पन्ना. शहर को 80 फीसदी पानी की सप्लाई करने वाले शहर के तीनों तालाबों का पानी अब बड़े गड्ढों में ही बचा है। आशंका जताई जा रही है कि अगर आगामी कुछ दिनों में मानसूनी बारिश नहीं होती है तो शहर को एकबार […]

पन्नाJun 26, 2024 / 07:45 pm

Anil singh kushwah

लोकपाल सागर तालाब का हाल

लोकपाल सागर तालाब का हाल

खाली होने की कगार पर जलापूर्ति करने वाले शहर के तीनों तालाब

पन्ना. शहर को 80 फीसदी पानी की सप्लाई करने वाले शहर के तीनों तालाबों का पानी अब बड़े गड्ढों में ही बचा है। आशंका जताई जा रही है कि अगर आगामी कुछ दिनों में मानसूनी बारिश नहीं होती है तो शहर को एकबार फिर गंभीर जल संकट से गुजरना पड़ सकता है।
लोकपाल सागर तालाब का हाल
गौरतलब है कि पन्ना शहर पेयजल के लिए अभी भी 70 साल से भी अधिक पुरानी व्यवस्था पर निर्भर है। शहर को सप्लाई होने वाले करीब 80 फीसदी जल की आपूर्ति निरपत सागर, लोकपाल सागर और धरम सागर तालाब से की जाती है। अच्छी बारिश नहीं होने से लोकपाल सागर और धरम सागर तालाब कई सालों से पूरी क्षमता से नहीं भर पाए हैं। निकाय, प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने नए जलस्रोत तलाशने के बजाय एक दिन छोड$कर पानी सप्लाई शुरू कर दी थी। बीते कई सालों से यही व्यवस्था चली आ रही है। नगर के लोगों को एक दिन छोड$कर सिर्फ दूसरे दिन सिर्फ एक घंटे के लिए ही पेयजल की आपूर्ति की जाती है।
किलकिला फीडर नहर का काम भी अधूरा
जल संसाधन विभाग किलकिला फीडर नहर का काम करा रहा है। विभाग बता रहा था कि मानसून शुरू होने के पहले ही ठेकेदार नहर का काम पूरा कर देगा, लेकिन अभी तक काम अधूरा है। अभी तालाब तक नहर नहीं बन पाई है। इसके अलावा रोड क्रॉङ्क्षसग में छत्रसाल कॉलेज के पीछे और पन्ना टाइगर रिजर्व के कार्यालय के सामने सहित 3-4 स्थानों पर नहर को आपस में जोडऩा बाकी है। बारिश शुरू होने के बाद उक्त काम को करने में भारी परेशानी हो सकती है। जानकारी देने के बाद भी विभाग के अधिकारियों ने काम की धीमी रफ्तार को लेकर ध्यान नहीं दिया जिससे इस तरह के हालात बने हैं। उक्त नहर के पानी से धरम सागर और लोकपाल सागर तालाब को भरा जाना है।
28 तक दस्तक दे सकता है मानसून
मानसून सीजन को 10 दिन बीत चुके हैं। अभी मानसूनी बारिश का दौर शुरू नहीं हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि अगर जल्द ही बारिश नहीं हुई और तालाबों तक बारिश का पानी नहीं पहुंचा तो शहर भीषण जल संकट की चपेट में आ सकता है। हालांकि नगर पालिका की ओर से तालाबों में करीब डेढ़ माह की सप्लाई के लिए पर्याप्त पानी भंडारित होने की बात कही जा रही है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक और कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना के निदेशक पीएन त्रिपाठी ने बताया, जिले में मानसून हर साल जून के अंतिम सप्ताह तक ही आता है। इस साल भी उम्मीद की जा रही है कि 28 जून तक मानसून जिले में दस्तक दे सकता है। शहर के लोग मानसून की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।
जानकारों की राय
हमने किलकिला फीडर नहर का काम देखा है। बहुत ही धीमा चल रहा है। रोड क्रॉङ्क्षसग में तीन-चार स्थानों पर नहर को जोडऩा बाकी है, जिसकी लंबाई करीब 100 फीट तक हो सकती है। बारिश शुरू होने के बाद काम को पूरा करने में परेशानी आ सकती है।
चाणक्य रैकवार, स्थानीय नागरिक
अमूमन जिले में मानसून जून के अंतिम सप्ताह में ही आता है। इस साल भी 28 जून तक मानसून आने की उम्मीद है। इस मानसून सीजन में संभावना तो अच्छी बारिश की जताई जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो पेयजल की ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।
-डॉ. पीएन त्रिपाठी, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक
अभी बारिश शुरू नहीं हुई है। शहर को तीन तालाबों से पेयजल की सप्लाई होती है। निरपत सागर और लोकपाल सागर में एक से डेढ़ माह की शहर में सप्लाई के लिए पानी शेष है। पानी खत्म होने से पहले बारिश शुरू हो जाएगी, जिससे जल संकट की आशंका कम है।
-शशिकपूर गढ़पाले, सीएमओ नगर पालिका पन्ना

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