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मन और शरीर को ‘सींचता’ रक्तदान

एक व्यक्ति के Blood Donation से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। रक्तदान के तमाम फायदे होने के बावजूद अभी भी रक्तदान को लेकर भ्रांतियां भी हैं। चिकित्सकों के अनुसार लोगों के लिए जानना बेहद अहम है कि रक्तदान दूसरों को जिंदगी देने के साथ-साथ दाता के मन और शरीर को भी सींच कर उसे स्वस्थ रखने में मददगार है। गुर्दा, हृदय के साथ-साथ शरीर के अन्य अंग की भी सर्विसिंग हो जाती है। स्ट्रोक का खतरा कई गुना घटता है

बैंगलोरJun 14, 2024 / 10:28 am

Nikhil Kumar

एक दान, एक सप्ताह के व्यायाम के बराबर

निखिल कुमार.

सड़क दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा, कार्डियक सर्जरी या फिर कोई दूसरी इमरजेंसी सर्जरी सहित सिकल सेल अनीमिया, थैलसीमिया, हेमोफीलिया, कैंसर और रक्त विकार संबंधित कई जानलेवा बीमारियों में रक्त की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। बेशकीमती रक्त बनाया नहीं जा सकता है। दान ही विकल्प है। एक व्यक्ति के Blood Donation से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। रक्तदान के तमाम फायदे होने के बावजूद अभी भी रक्तदान को लेकर भ्रांतियां भी हैं। चिकित्सकों के अनुसार लोगों के लिए जानना बेहद अहम है कि रक्तदान दूसरों को जिंदगी देने के साथ-साथ दाता के मन और शरीर को भी सींच कर उसे स्वस्थ रखने में मददगार है। गुर्दा, हृदय के साथ-साथ शरीर के अन्य अंग की भी सर्विसिंग हो जाती है। स्ट्रोक का खतरा कई गुना घटता है। रक्तदान ऐसी बीमारियों का भी पता लगाने में सहायक है, जो शायद जानलेवा साबित होने तक छुपी रह जातीं।
650 कैलोरी ऊर्जा खर्च
इतना ही नहीं कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो अनुसंधान के अनुसार जब कोई व्यक्ति रक्तदान करता है, तो शरीर रक्त को पुनर्जीवित करने के लिए 650 कैलोरी (दान किए गए रक्त के प्रति पिंट) के बराबर ऊर्जा खर्च करता है। इसलिए, एक रक्तदान एक सप्ताह के व्यायाम के बराबर है।
बेशक, रक्तदान करें
दरअसल, 30 मिनट तक टहलने या Treadmill पर तेज चलने से प्रतिदिन 150 कैलोरी कम होती है। अगर आप सप्ताह में चार दिन व्यायाम करते हैं, तो आप 600 कैलोरी कम करते हैं। हालांकि, एक स्वस्थ व्यक्ति एक वर्ष में तीन से चार बार ही रक्तदान कर सकता है। इसलिए रक्तदान को व्यायाम का विकल्प नहीं समझा जाना चाहिए।
संक्रमण का जोखिम नहीं
चिकित्सकों के अनुसार रक्तदान अत्यंत सुरक्षित है और इसे नियमित रूप से किया जाना चाहिए। निश्चिंत रहें क्योंकि प्रत्येक दाता के लिए नए स्टेराइल उपकरण का उपयोग किया जाता है, इसलिए संक्रमण का कोई जोखिम नहीं है।
ट्राइग्लिसराइड्स, एलडीएल से छुटकारा
कई अध्ययनों का हवाला देते हुए ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सी. शिवराम ने बताया कि एक बार के दानकर्ताओं या गैर-दानकर्ताओं की तुलना में नियमित दानकर्ताओं में खराब Cholesterol (एलडीएल) और Triglycerides का स्तर कम होता है, जो उन्हें हृदय रोग से बचाता है।
बेहतर लिपिड प्रोफाइल, 24 मरीजों की मदद
महीने में दो बार प्लेटलेट्स दान करके लिपिड स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें Platelets के साथ-साथ लिपिड युक्त Plasma भी निकल जाता है। एक वर्ष में 24 मरीज लाभान्वित हो सकते हैं। 65 साल की उम्र तक पूरा रक्तदान और 60 साल की उम्र तक सिंगल डोनर प्लेटलेट दान किया जा सकता है।
गुर्दा और हृदय के स्वास्थ्य के लिए जरूरी
गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार हिरेमठ के अनुसार रक्तदान से रक्तचाप, हीमोग्लोबिन और आयरन (Blood pressure, hemoglobin and iron) का स्तर नियंत्रित रहता है। गुर्दे के स्वास्थ्य के लिए यह जरूरी है। साथ ही, Heart Attack का खतरा भी कम होता है।
…जो अन्यथा ध्यान में नहीं आ पातीं
डॉ. गीता एन. ने बताया कि रक्तदान की प्रक्रिया में वजन, नाड़ी दर, रक्तचाप और हीमोग्लोबिन की जांच होती है। अन्य कई जांच भी शामिल हैं। इससे कुछ स्वास्थ्य स्थितियों, जैसे एनीमिया या संक्रामक रोगों का शीघ्र पता लगाने में मदद मिल सकती है, जो अन्यथा ध्यान में नहीं आ पातीं। समय रहते उसे ठीक किया जा सकता है। रक्तदान करने पर, अस्थि मज्जा रक्त को नई कोशिकाओं से भर देती है, जिससे व्यक्ति अधिक ऊर्जावान बन जाता है। इसलिए, रक्तदान करते रहें, जरूरतमंद मरीजों की मदद करें और लंबे समय तक स्वस्थ रहें।

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