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जहां से हुए रिटायर, वहीं फिर लग गए संविदा पर

भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी समिति को सालों संभाला, रिटायर हुए तो फिर संविदा पर काम करने लगे। मंडी समिति अभी भी जुगाड़ के कार्यवाहक सचिवों के सहारे ही चल रही है। प्रदेश की सुपर 27 कृषि मंडियों में भीलवाड़ा मंडी 20 मई 2019 से शामिल है। मंडी में चुनाव प्रस्तावित होने से सरकार ने यहां […]

भीलवाड़ाJun 16, 2024 / 08:58 pm

Narendra Kumar Verma

bhilwara mandi

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भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी समिति को सालों संभाला, रिटायर हुए तो फिर संविदा पर काम करने लगे। मंडी समिति अभी भी जुगाड़ के कार्यवाहक सचिवों के सहारे ही चल रही है। प्रदेश की सुपर 27 कृषि मंडियों में भीलवाड़ा मंडी 20 मई 2019 से शामिल है। मंडी में चुनाव प्रस्तावित होने से सरकार ने यहां बोर्ड भंग कर प्रशासक लगा रखा है। यहां 25 सितम्बर 2016 से प्रशासक है, लेकिन यह नियुक्ति भी कागजी है।
11 संविदा एवं 18 ठेका कर्मी

भीलवाड़ा मंडी में अभी 11 संविदा एवं 18 ठेका कर्मी हैं। इनमें नौ संविदा कर्मी मंडी के ही रिटायर्ड कर्मचारी हैं। ये सभी कर्मी मंडी के मुख्य प्रशासनिक एवं मंडी की आंतरिक व्यवस्थाओं से जुड़े हैं। इनमें अधिकांश कर्मियों को मंडी के ही हैं।
तीन ने किए दो साल पूरे

गत ढाई दशक में 23 सचिवों ने काम संभाला, लेकिन सिर्फ 9 की ही स्थायी नियुक्ति हुई। इसमें सिर्फ 3 सचिव एक साल से अधिक समय तक यहां टिक सके। स्थायी प्रशासकीय पकड़ नहीं होने से यहां मंडी के राजस्व का ग्राफ ऊंचा नहीं चढ़ सका है तो मंडी परिसर में अवैध कब्जों का ग्राफ लगातार चढ़ा ही है।
एक बार सर्वाधिक कार्यकाल

जानकारी के अनुसार 5 जून 2012 से मंडी में अतिरिक्त चार्ज के जरिए अन्य मंडियों के सचिवों को यहां लगाने और भीलवाड़ा मंडी का कार्य शुरू कराने की जो परम्परा शुरू हुई है, वह अभी तक जारी है। गत डेढ़ दशक में यहां सिर्फ दो साल के लिए स्थायी सचिव की नियुक्ति एक बार ही पहले चरण में महिपाल सिंह की वर्ष 6 जुलाई 2000 से 09 मई 2010 तक रही है। इसके बाद पूरण सिंह जैतावत दो साल सचिव रहे। इनके बाद मंडी अधिकांश समय कार्यवाह सचिवों या पड़ोसी जिलों के मंडी सचिवों के सहारे ही रहा है।
कई पद अभी भी खाली

मंडी का रिकार्ड बताता है कि मंडी सचिव व लेखाकार का पद रिक्त है। इनमें मंडी सचिव का कार्य जयपुर से मंडी अधिकारी महिपाल सिंह संभाले हैं। लेखाकार पद भी अन्य के भरोसे है। यहां का वाहन चालक एसडीएम कार्यालय में सेवा दे रहा है।
सरकार को भिजवा रखा प्रस्ताव

वर्ष 1987 के बाद से मंडी में मंत्रालयिक कर्मियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में मंडी की व्यवस्थाएं प्रभावित हुई है। मंडी की व्यवस्था प्रभावित ना हो, इसलिए सरकार ने संविदाकर्मी लगा रखे हैं। मंडी में ठेका कर्मी भी है। सरकार को नई नियुक्ति के प्रस्ताव भिजवा रखे हैं।
महिपाल सिंह, कार्यवाह मंडी सचिव

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