scriptसोएंगे देव, थमेगी शहनाइयां, चातुर्मास में होंगे व्रत-अनुष्ठान | Gods will sleep, the wedding bells will stop, fasts and rituals will be performed during Chaturmas | Patrika News
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सोएंगे देव, थमेगी शहनाइयां, चातुर्मास में होंगे व्रत-अनुष्ठान

17 जुलाई से प्रारंभ होंगे चातुर्मास व्रत -अनुष्ठान, चार महीनों तक थमेंगे शादी-विवाह बीकानेर.चातुर्मास व्रत -अनुष्ठान की शुरूआत 17 जुलाई से होगी। चातुर्मास प्रारंभ होने के साथ ही शहनाइयों की गूंज थम जाएगी। अगले चार महीनों तक शादी-विवाह,यज्ञोपवीत, मुंडन, नवीन गृह प्रवेश के मांगलिक कार्यक्रम निषेध रहेंगे। चातुर्मास के दौरान व्रत, अनुष्ठान, पूजन, संत प्रवचन […]

बीकानेरJul 05, 2024 / 11:43 pm

Vimal

17 जुलाई से प्रारंभ होंगे चातुर्मास व्रत -अनुष्ठान, चार महीनों तक थमेंगे शादी-विवाह

बीकानेर.चातुर्मास व्रत -अनुष्ठान की शुरूआत 17 जुलाई से होगी। चातुर्मास प्रारंभ होने के साथ ही शहनाइयों की गूंज थम जाएगी। अगले चार महीनों तक शादी-विवाह,यज्ञोपवीत, मुंडन, नवीन गृह प्रवेश के मांगलिक कार्यक्रम निषेध रहेंगे। चातुर्मास के दौरान व्रत, अनुष्ठान, पूजन, संत प्रवचन सहित रामायण, भागवत, शिव पुराण, नामकरण, नक्षत्र शांति आदि कार्य होंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चातुर्मास के चार महीनों में भगवान विष्णु क्षीर सागर में योग निद्रा में रहते है व कार्तिक शुक्ला एकादशी के दिन योग निद्रा से जागते है।
चातुर्मास व्रत का विशेष महत्व

ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार सनातन धर्म में चातुर्मास का अत्यधिक महत्व है। आषाढ़ शुक्ला एकादशी (देवशयनी) से कार्तिक शुक्ला एकादशी (देवउठनी) तक गृहस्थी लोग पुरुषार्थ चतुष्टय धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति के लिए चार महीनों तक व्रत -उपासना करते है। वहीं सन्यासी, यति, महामण्डलेश्वर, संत, महात्मा शंकराचार्य की परम्परानुसार गुरु पूर्णिमा से कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा तक अनेक धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ, भागवत धर्म सम्मेलन के माध्यम से चार महीनों तक अपने तपोबल को बढ़ाने के लिए व्रत-अनुष्ठान करते है। पदम पुराण के अनुसार चातुर्मास के दौरान अनेक व्रत, त्योहार चार महीनों के भीतर आते है। पंडित किराडू के अनुसार जैन धर्म में चातुर्मास व्रत का अत्यधिक महत्व है। जैन आचार्यों की ओर से अनेक धार्मिक अनुष्ठान एवं सत्संग के माध्यम से मनुष्यों को सदमार्ग दिखाया जाता है।
12 नवम्बर से गूंजेगी शहनाइयां

चातुर्मास की पूर्णाहुति देव उठनी एकादशी को होगी। देव उठनी एकादशी से फिर से शादी-विवाह के मांगलिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। पंडित किराडू के अनुसार 12 नवम्बर को देव उठनी एकादशी के अबूझ मुहूर्त पर बड़ी संख्या में विवाह कार्यक्रम होंगे। वहीं नवम्बर में 17, 22 और 24 तारीख, 2 दिसम्बर के दिन विवाह मुहूर्त है।इसी महीने विवाह के कई मुहूर्तपंडित किराडू के अनुसार जुलाई में शादी-विवाह के कई श्रेष्ठ मुहूर्त है। 11,12 और 15 जुलाई को शादी-विवाह के आयोजन होंगे। 15 जुलाई को शुद्ध नवमी के श्रेष्ठ मुहूर्त में शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक अनेक जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे।
गुप्त नवरात्र आज से

शक्ति की उपासना का पर्व गुप्त नवरात्र शनिवार से प्रारंभ होंगे। घरों एवं मंदिरों में नौ दिवसीय देवी-पूजन अनुष्ठान के आयोजन होंगे। देवी प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना, देवी मंत्रों का जाप, दुर्गा सप्तशती, श्रीसूक्त, देवी अथर्वशीर्ष के पाठ होंगे। देवी उपायक व श्रद्धालु नर्वाण मंत्र का जाप करेंगे। पंडित किराडू के अनुसार गुप्त नवरात्र में व्रत-उपासना का विशेष महत्व है। 7 जुलाई को रवि पुष्य योग विशेष शुभकारक है। सोना, चांदी, मशीन आदि खरीदना शुभ रहेगा। नए प्रतिष्ठानों की शुरूआत होगी। नए मकानों में गृह प्रवेश का मुहूर्त होगा। इसी दिन भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी।
सावन मास 22 से

भगवान महादेव की पूजा-अर्चना का मास सावन 22 जुलाई से प्रारंभ होगा। शिवभक्त अपने इष्टदेव की प्रसन्नता के लिए विभिन्न द्रव्यों से रुद्राभिषेक कर व्रत-उपासना और पूजन करेंगे। पूरे सावन मास के दौरान सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और अभिषेक-पूजन का क्रम भी चलेगा। घरों और शिवालयों में महादेव के अभिषेक-पूजन का क्रम चलेगा।

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