रोड पर माइन्स बिछाकर पुलिस वाहन उड़ाने वाला नक्सली मांझी अहमदाबाद से गिरफ्तार

झारखंड सरकार ने रखा था एक लाख का इनाम,
गुजरात एटीएस ने एक फैक्ट्री से पकड़ा, छह साल से था वांछित

अहमदाबाद. झारखंड के धनबाद जिले के राजगंज थाना इलाके में रोड पर माइन्स बिछाकर पुलिस वाहन को बम से उड़ा देने के मामले में वांछित नक्सली सीताराम मांझी (४५) को गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। यह छह साल से वांछित था। आरोपी पर झारखंड सरकार ने एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया है।
गुजरात एटीएस के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि झारखंड के धनबाद जिले के राजगंज थाना इलाके में छह साल पहले वर्ष २०१४ में लोकसभा चुनाव के दौरान वनस्थली गांव के रोड पर साथियों के साथ मिलकर रोड पर माइन्स बिछा दी थी। यहां से पुलिस वाहन के गुजरने पर उसे बम ब्लास्ट करके उड़ा दिया था। इस मामले में आरोपी वांछित था। वहां से भागकर आरोपी अहमदाबाद आ गया। इस पर झारखंड सरकार ने एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया है। आरोपी करीब चार साल से ओढव व्यापारी महामंडल में स्थित कांतिलाल शेठ की स्टील पतरे की फैक्ट्री मेंकाम कर रही था। बीते करीब एक डेढ़ साल से यह अहमदाबाद जिले की दस्क्रोई तहसील के रणोदरा गांव में स्थित मरकुरी इंडिया नाम की स्टील फैक्ट्री में काम कर रहा था। इसी फैक्ट्री में रहता भी था। इसके बारे में पुख्ता सूचना मिलने पर एटीएस की टीम ने इसे फैक्ट्री पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने कबूला कि वह झारखंड के धनबाद जिले की तोपचौंची तहसील के धोवटण नेरो गांव का रहने वाला है। वर्ष २००४ से धनबाद की क्रांतिकारी किसान कमेटी नाम की नक्सलवादी संस्था से जुड़ गया। २००९ में धनबाद के अंगर पतरा रेलवे पुलिस स्टेशन पर हमला करके वहां से दो एसएलआर कारतूस को लूटने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। यह उसके गांव में स्कूल के निर्माण में ठगी के मामले में भी वांछित है। झारखंड के वांछित नक्सलियों की सूची में यह १४९ नंबर का वांछित आरोपी है।

nagendra singh rathore
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