लाखों की लागत का अस्पताल तैयार : लोग इलाज शुरू होने का कर रहे इंतजार

लाखों की लागत का अस्पताल तैयार : लोग इलाज शुरू होने का कर रहे इंतजार
बोहानी में संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी

Ajay Khare | Publish: Mar, 24 2018 05:30:14 PM (IST) ख़बरें सुनें

सिहोरा में 95 लाख रुपए की लागत से 20 बिस्तरीय सरकारी अस्पताल बनकर तैयार

बोहानी में संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी

सिहोरा-गाडरवारा। सरकार द्वारा गांव गांव में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने लाखों की लागत से अस्पताल बना रही है। लेकिन अनेक गांवों में लाखों के भवन खड़े शुभारंभ का इंतजार कर रहे हैं। इसी कड़ी में विधानसभा क्षेत्र तेंदूखेड़ा के प्रमुख ग्राम सिहोरा में 95 लाख रुपए की लागत से 20 बिस्तरीय सरकारी अस्पताल बनकर तैयार हो चुका है। ग्रामीण अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, शासन ने ग्राम सिहोरा में इमारत बनाकर तो खड़ी कर दी। लेकिन अस्पताल में इलाज शुरू होने का इंतजार क्षेत्र की जनता कई महीनों से कर रही है। उपयोग न होने से बनी बनाई इमारत खंडहर सी पड़ी हुईं है। लोगों का कहना है कि नर्मदा जयंती के अवसर पर बरमान प्रवास के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा इसका लोकार्पण भी किया जा चुका है। अत: शासन को शीघ्र ही डॉक्टरों को तैनात कर इसे प्रारम्भ करना चाहिए। जिससे क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर अच्छा इलाज मुहैया हो सके।

बोहानी में संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी
बोहानी-गाडरवारा। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बोहानी में स्वास्थ्य सुविधाएं वर्तमान में धराशाई सी हो गई हैं। गत 19 फरवरी 2018 से संविदा कर्मचारियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल से ग्राम का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 19 फरवरी के पहले हर महीने में ओपीडी करीब 1000 लोगों की हुआ करती थी। जो वर्तमान में घटकर 50-60 ओपीडी रह गई है। इसी प्रकार प्रतिमाह प्रसव डिलिवरी जो 15 से 20 महिलाओं के प्रसव इस अस्पताल में हुआ करते थे। लेकिन अब 6-7 के आंकड़े पर प्रसव केस सिमट गए हैं। लोगों का कहना है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बोहानी का यही हाल रहा तो आने वाले कुछ दिनों में मरीज ही आना बंद हो जाएंगे। जिसका सीधा लाभ निजी चिकित्सकों को मिलेगा। वर्तमान में चार नियमित कर्मचारियों की इस केंद्र में ड्यूटी है। इनमें 22 मार्च को 11 बजे केंद्र का पत्रिका प्रतिनिधि द्वारा जायजा लेने पर सेक्टर सुपरवाइजर राकेश साहू केंद्र में नहीं मिले, जिससे मरीज परेशान होते रहे। स्वास्थ्य केंद्र में मात्र पिंकी दुबे लैब टेक्नीशियन मिलीं जिन्होंने बताया भारतीय रेडक्रास सोसायटी से संचालित टीबी के मरीजों की जांच की जाती है। उन्होंने अब तक छप्पन जांचें कीं हैं। जिनमें दो को दवाएं दी जा रही हैं। गौरतलब रहे कि स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के चलते ग्रामवासियों को उपचार का लाभ नहीं मिल रहा। लोग बाहर जाने मजबूर हैं। बार बार चक्कर लगाकर मायूस होने पर अनेक मरीजों ने तो अस्पताल आना ही छोड़ दिया है।
बीएमओ चांवरपाठा डॉ एसपी अहिरवार ने बताया कि संविदा कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण ओपीडी की संख्या घटी है। वर्तमान में 4 नियमित कर्मचारियों की ड्यूटी है। जिसमें दो कर्मचारी मंगलवार शुक्रवार को फील्ड देखते हैं। बाकी समय केंद्र में सेवा देते हैं।
सीएमएचओ डॉ गिरीश चौरसिया ने बताया कि मैं अभी वीडियो कान्फ्रेंस में हूं। इस बारे में बीएमओ से बात करता हूं।
सुपरवाइजर आरके साहू ने बताया कि में अभी फील्ड पर हूं, कुछ समय बाद केंद्र पर पहुंच जाऊंगा।

Óइनका कहना हैÓ
क्षेत्रीय जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग से मांग है कि अस्पताल में इलाज जल्द चालू कराया जाए।
हरीश पेठिया, उपसरपंच सिहोरा
पत्र के माध्यम से हमने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया है। जल्द ही अस्पताल में कार्य प्रारंभ होगा।
डॉ गिरीश चौरसिया, सीएचएमओ नरसिंहपुर
स्टाफ की नियुक्ति कर शीघ्र ही अस्पताल में इलाज प्रारम्भ होगा।कोई भी परेशान नहीं होगा, ग्रामीणों को उचित इलाज की सुविधा मिलेगी।
संजय शर्मा, विधायक तेन्दूखेड़ा

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