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मानसिक रूप से अक्षम या परिवहन की व्यवस्था न होने पर पीडि़ता के निवास पर जाकर पुलिस करेगी एफआईआर दर्ज

नए आपराधिक कानून के बारे में ग्रामीणों को किया जागरुक

शाहडोलJun 17, 2024 / 12:10 pm

Kamlesh Rajak

नए आपराधिक कानून के बारे में ग्रामीणों को किया जागरुक
शहडोल
. जनपद पंचायत सोहागपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कल्याणपुर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। केन्द्रीय संचार ब्यूरो क्षेत्रीय कार्यालय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार शहडोल के माध्यम से जागरुकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सत्येंद्र सिंह चौहान एवं अधिवक्ता सुरेंद्र चौहान एवं ग्राम पंचायत रोजगार सहायक विजय राज सिंह एवं पंचायत कर्मी उपस्थित रहे। प्रभारी प्रचार अधिकारी ने बताया कि तीन नए आपराधिक कानून 25 दिसंबर 2023 को बनने के साथ ही भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में एक नई सुधार की शुरुआत है, यह कानून 1 जुलाई 2024 से प्रभावशील होंगे। उनके अंतर्गत समय पर न्याय, आपराधिक कानून दंड-केंद्रित नहीं बल्कि न्याय-केंद्रित है। महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराध, भगोड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल, फॉरेंसिक को बढ़ावा, मांव लीचिंग, संगठित अपराध, गवाहों की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था में तेजी, पीडि़त केंद्रित कानून राजद्रोह को निरस्त करना एवं देशद्रोह की परिभाषा आदि प्रमुख बिंदुओं को परिभाषित किया गया है। इसके अंतर्गत नई प्रणाली को अधिक सुलभ, जवाबदेह, भरोसेमंद तथा न्याय प्रेरित बनाने का प्रयास है। साथ ही पारदर्शी आधुनिक और तकनीक तौर पर कुशल ढांचे में ढाला गया है। विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य ने बताया कि एफआइआर दर्ज करने के लिए पुलिस स्टेशन में पीडि़त की उपस्थिति अनिवार्यता को कम कर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एफआइआर दर्ज करने को प्राथमिकता प्रदान की गई है।
इसके अतिरिक्त घटित अपराध के क्षेत्राधिकार वाले पुलिस स्टेशन में एफआइआर दर्ज करने की बाध्यता को समाप्त किया गया है। जिससे पीडि़त किसी भी पुलिस स्टेशन में एफआइआर दर्ज कर सकेंगे। महिला किसी भी अपराध से पीडि़त होने पर महिला पुलिस अधिकारी के माध्यम तथा मानसिक रूप से अक्षम होने या परिवहन की व्यवस्था न होने पर पीडि़ता के निज निवास पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

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