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साक्षरता के कार्य में जहां महिला प्रभारी उन ब्लाकों में सबसे अच्छा काम, पुरुषों का काम पिछड़ा

– इन दिनों जिले में चल रहा है 15 साल से अधिक उम्र के असाक्षरों का सर्वे
– जौरा और सबलगढ़ में महिला प्रभारी, यहां का परफॉर्मेंस बेहतर

मोरेनाJun 27, 2024 / 03:34 pm

Ashok Sharma

मुरैना. नवभारत साक्षरता अभियान के तहत जिले में एक जून से असाक्षरों का सर्वे का कार्य जिले में किया जा रहा है। इस कार्य के लिए जिले के सात विकासखंडों के 2198 स्कूलों के 4396 शिक्षक जुटे हुए हैं। अभी तक करीब 32313 असाक्षरों का सर्वे हो चुका है लेकिन ऑनलाइन करने में महिलाएं आगे हैं। जिन ब्लॉकों में महिलाएं प्रभारी हैं, वहां परफॉर्मेंस काफी अच्छा रहा है जबकि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में पुरुष पिछड़े हुए हैं।
जिले के अंबाह, पोरसा, जौरा, कैलारस मुरैना, पहाडगढ़़, सबलगढ़ विकासखंड में असाक्षरों का सर्वे हो रहा है, उसमें अभी तक 32313 असाक्षरों का सर्वे हो चुका है, इनको शिक्षकों द्वारा अपनी- अपनी आईडी से ऑनलाइन करना है। जहां महिलाएं प्रभारी हैं, वहां की स्थिति बेहतर बताई गई। जौरा विकासखंड की सह समन्वयक गीता भदौरिया के मार्गदर्शन में सबसे अधिक असाक्षर 3653 को ऑनलाइन किया जा चुका है। वहीं सबलगढ़ विकासखंड की सह समन्वयक स्नेहलता त्रिवेदी के मार्गदर्शन में 1355 असाक्षरों को ऑनलाइन किया जा चुका है। असाक्षरों के सर्वे कार्य की जिम्मेदारी शासकीय स्कूलों के शिक्षकों के अलावा पंचायत सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, बीएलओ आदि को भी दी गई है। इस कार्य को कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुरैना के आदेशानुसार जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी शिवराज शर्मा की देखरेख में समस्त शासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुख अपने-अपने क्षेत्र में किया जा रहा है। नवभारत साक्षरता अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके इसके लिए विकासखंड सह समन्वयकों का भोपाल में 21, 22 जून को प्रशिक्षण होना हैं।
ये करेंगे साक्षर साथी के रूप में कार्य
सर्वे के दौरान चिन्हिंत किए गए असाक्षरों को बीएड, डीएड, बीएसडब्ल्यू, एमएसडब्ल्यू के छात्र साक्षर साथी के रूप में पढ़ाने का कार्य करेंगे। है। इसके लिए नोडल अधिकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक को बनाया गयगा है। जो डीएड, बीएड के छात्र अक्षर साथी बनकर असाक्षरों को पढ़ाएंगे उनको प्रोजेक्ट में मार्क दिए जाएंगे।
कितने असाक्षर इसलिए करा रहे हैं सर्वे
2011 की जनगणना के अनुसार 93 हजार असाक्षर थे, वर्तमान में कितने असाक्षर हैं, उसके लिए वास्तविक सर्वे कराया जा रहा है। मार्च 2024 में परीक्षा कराई थी, उसमें 25 हजार134 असाक्षर परीक्षा में बैठे थे। अब सितंबर में होने वाली परीक्षा में टारगेट कम न हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शासन का यह प्रयास है कि परिवार के साक्षर लोग भी असाक्षरों को पढ़ा सकते हैं।
विकासखंड स्तर पर सर्वे की स्थिति
विखं स्कूल कवर्ड स्कूल संख्या
अंबाह 289 20 166
जौरा 301 163 3653
कैलारस 259 10 156
मुरैना 435 42 503
पहाडगढ़़ 285 52 684
पोरसा 311 31 421
सबलगढ़ 318 73 1355
कथन

  • जिले में असाक्षरों की सर्वे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, उनको ऑनलाइन किया जा रहा है। अब असाक्षरों की परीक्षा साल में दो बार होती है। मार्च में हो चुकी है अब सितंबर महीने में फिर होगी। प्रयास है कि मार्च में जो असाक्षर परीक्षा में बैठे, उतने तो चिन्हिंत हो ही जाएं।
    शिवराज शर्मा, जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी, मुरैना

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