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पन्ना जिले के अजयगढ़ में हर साल सामने आ रहे मलेरिया के मरीज, जाने क्या है वजह

विभाग ने लगाया कैंप, दवा का छिड़काव किया पन्ना. जिले में केवल अजयगढ़ विकासखण्ड में हर साल मलेरिया के मरीज सामने आ रहे हैं। मच्छरों का संक्रमण काल आरंभ होने के साथ ही मलेरिया के मरीज भी सामने आना शुरू हो गए हैं। अभी तक आधा दर्जन से ज्यादा सामने सामने आ चुके हैं। खास […]

पन्नाJun 21, 2024 / 07:31 pm

Anil singh kushwah

49 हजार लोगों की जांच, 7 पॉजिटिव

49 हजार लोगों की जांच, 7 पॉजिटिव

विभाग ने लगाया कैंप, दवा का छिड़काव किया

पन्ना. जिले में केवल अजयगढ़ विकासखण्ड में हर साल मलेरिया के मरीज सामने आ रहे हैं। मच्छरों का संक्रमण काल आरंभ होने के साथ ही मलेरिया के मरीज भी सामने आना शुरू हो गए हैं। अभी तक आधा दर्जन से ज्यादा सामने सामने आ चुके हैं। खास बात यह कि इसमें फेल्सीफेरम मलेरिया के पीडि़त भी सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के रेकार्ड के मुताबिक वर्ष 2023 में जिलेभर में मलेरिया के चार मामले सामने आए। सभी चार पीडि़त अजयगढ़ क्षेत्र के रहने वाले हैं। 1 जनवरी 24 से 31 मई 24 तक जिलेभर में 7 मलेरिया के मामले सामने आए हैं। इस बार भी सभी सात मरीज अजयगढ विकासखण्ड क्षेत्र के रहने वाले हैं।
49 हजार लोगों की जांच, 7 पॉजिटिव
जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों में 1 जनवरी 24 से 31 मई 24 तक 49 हजार से अधिक मलेरिया संभावित मरीजों के खून की जांच कराई गई। इसमें सात लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। इसी प्रकार वर्ष 2023 में 47 हजार लोगों की जांच कराई गई थी, तब चार मलेरिया के रोगी सामने आए थे।
अजयगढ़ में फेल्सीफेरम मलेरिया के भी दो मरीज
अजयगढ क्षेत्र में फेल्सीफेरम मलेरिया के भी मरीज सामने आ रहे हैं। वर्ष 2024 में भी एक फेल्सीफेरम मलेरिया पीडि़त सामने आया है। वर्ष 2023 में भी एक मरीज सामने आया था। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ अरुणेंद्र पटेल ने बताया, अजयगढ़ के शहपुरा गांव में दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। इसके अलावा अजयगढ़ विकासखण्ड के जिन गांव में मलेरियाकके मरीज सामने आए हैं सभी में दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। मैदानी अमले को लोगों के स्वासथ्य पर नजर रखने की सलाह दी गई है।सभी बुखार रोगियों की मलेरिया की जांच कराने कहा गया है। जिससे पीडि़तों को त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके।
भेड़ हिनौता में लगाया कैंप
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया, अमानगंज के भेड़ हिनौता सहित आसपास के गांव में बुखार पीडि़त सामने आए थे। इनमें फिलहाल किसी को भी मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग ने भेड़ हिनौता गांव में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया है। जहां आधा दर्जन गांव के लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। शिविर में सभी संभावित मलेरिया रोगियों के खून की जांच कराई जा र ही है। जिससे पॉजिटिव रोगी सामने आने पर नियंत्रण और रोकथाम की गतिविधियां कराई जा सकें।
लक्षण और बचाव
डीएमओ डॉ पटेल ने बताया, मलेरिया परजीवियों से संक्रमित मच्छर के काटने से फैलती है। जब यह काटता है, तो मच्छर आपके रक्तप्रवाह में मलेरिया परजीवी इंजेक्ट करता है। मलेरिया परजीवियों के कारण होता है, न कि किसी वायरस या किसी प्रकार के बैक्टीरिया के कारण। उपचार न कराने पर जोखिम हो सकता है। दौरे पडऩा, मस्तिष्क क्षति, सांस लेने में परेशानी, अंगों का विफल होना जैसी दिक्कत आ सकती है।
बचाव के उपाए
घरों के आसपास बारिश का पानी न जमने दे, घर की छत पर डिस्पोजल, टायर में बारिश का पानी का जमाव न होने दें, मच्छरों से बचाव के लिए नेट का उपयोग करें, बुखार आने पर मलेरिया की जांच कराए। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया की निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है।

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