scriptमरुस्थल में पनप रहे औषधीय पादप, आश्रम में लहलहा रहे घने वृक्ष | Patrika News
समाचार

मरुस्थल में पनप रहे औषधीय पादप, आश्रम में लहलहा रहे घने वृक्ष

बीकानेर. मरुस्थल की सोनलिया धरती पर पौधों को पनपाना श्रमसाध्य कार्य है। यह जोश, जुनून, मेहनत और वर्षों की तपस्या के बाद ही संभव हो सकता है। नियमित देखभाल के साथ साल के हर मौसम में पौधों को बचाए रखना मुश्किल कार्य है। नत्थूसर गेट के बाहर कपिल आश्रम परिसर न केवल हरियाली और पौधों से […]

बीकानेरJul 10, 2024 / 11:52 pm

Vimal

बीकानेर. मरुस्थल की सोनलिया धरती पर पौधों को पनपाना श्रमसाध्य कार्य है। यह जोश, जुनून, मेहनत और वर्षों की तपस्या के बाद ही संभव हो सकता है। नियमित देखभाल के साथ साल के हर मौसम में पौधों को बचाए रखना मुश्किल कार्य है। नत्थूसर गेट के बाहर कपिल आश्रम परिसर न केवल हरियाली और पौधों से लहलहा रहा है। बल्कि यहां पनप रहे औषधीय पौधे यहां श्रमदान कर रहे प्रकृति और पर्यावरण प्रेमियों की कठोर मेहनत को भी बयां कर रहे है। आश्रम परिसर में दो दशक पहले शुरू किया गया पौधरोपण और उनकी देखभाल का क्रम अनवरत चल रहा है। सालों पहले लगे औषधीय, फल, फूल के पौधे अब घने वृक्षों का स्वरूप ले चुके है।
दो दर्जन प्रजातियों के औषधीय पौधे

कपिल आश्रम में करीब दो दर्जन तरह के औषधीय पौधे लहलहा रहे है। आश्रम व्यवस्था से जुड़े चन्द्रशेखर छंगाणी के अनुसार अर्जुन छाल, परिजात, आंवला, रोहिड़ा, नीम, जामुन, इमली, बिल्वपत्र, नींबू, आंवला, ग्वारपाठा, अमलतास, मेहन्दी, गूलर, तुलसी, नीम गिलोय, अश्वगंधा, पत्थर चट्टा, इलायची, गोखरू, सतावरी, धमासा, कनेर के औषधीय पादप लगे हुए है। जिनकी नियमित देखभाल की जा रही है।
विभिन्न रोगों में फायदेमंद

औषधीय पादप शरीर में होने वाले विभिन्न प्रकार के रोगों के उपचार में फायदेमंद रहते है। पर्यावरण प्रेमी श्याम सुंदर ज्याणी के अनुसार औषधीय पौधों की पत्तियां, फल, टहनियां, छाल, पुष्प, जड़े स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है। औषधीय पादपों का रोपण, उचित देखभाल और लंबे समय तक सुरक्षित रखना मेहनत का कार्य है।
सजावटी, फूल और फलादार भी : 

आश्रम परिसर में औषधीय पौधों के साथ घने वृक्ष और फूलदार व सजावटी पौधे भी है। इनमें रुद्राक्ष, कल्पवृक्ष, पीपल, बरगद, गुलमोहर, करंज, सैमल, खेजड़ी , बेर, जाल, सुदर्शन, कोयली, सदाबहार, चमेली, रात की रानी, गुलदाऊदी, मोगरा, गुलाब, जूही, खजूर, नाग चंपा, कटेल, शहतूत, अनार, अशोक, शीशम आदि पौधे पनप रहे है।
नियमित आठ से दस घंटे देखभाल

कपिल जन कल्याण प्रन्यास ट्रस्ट की ओर से वर्ष 2001 से संचालित कपिल आश्रम में बीते 24 साल से पौधरोपण और पौधों की नियमित देखभाल की जा रही है।अध्यक्ष श्याम सुंदर देरासरी के अनुसार आश्रम से जुड़े स्वयंसेवक नियमित रूप से आठ से दस घंटे पौधों और वृक्षों की देखभाल करते है। ट्रस्ट से जुड़े बद्री विशाल, दाऊ लाल छंगाणी, मदन मोहन, पुरुषोतम छंगाणी आदि के प्रयासों से शुरू मुहिम अब रंगत पर है।

Hindi News/ News Bulletin / मरुस्थल में पनप रहे औषधीय पादप, आश्रम में लहलहा रहे घने वृक्ष

ट्रेंडिंग वीडियो