Myanmar Coup: म्यांमार में तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन तेज, सेना के खिलाफ ग्लोबल एक्शन शुरू!

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गया है।
सेना प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कर रही है। इसके बावजूद प्रदर्शन थम नहीं रहे।
फेसबुक ने म्यांमार की सेना द्वारा चलाए जा रहे मुख्य समाचार पृष्ठ को हटा दिया।

By: Shaitan Prajapat

Published: 22 Feb 2021, 11:57 AM IST

नई दिल्ली। म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गया है। एक प्रसिद्ध अभिनेता लू मिन को इसका समर्थन करने पर देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले में गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पत्नी ने इसकी जानकारी दी। सेना प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कर रही है। इसके बावजूद प्रदर्शन थम नहीं रहे। प्रदर्शनकारी पर फायरिंग के बाद इनकी गिरफ्तारी मांडले में हुई। इसमें दो लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। वहीं फेसबुक ने रविवार को म्यांमार की सेना द्वारा चलाए जा रहे मुख्य समाचार पृष्ठ को हटा दिया। फेसबुक ने यह कार्रवाई हिंसा भड़काने पर रोक लागने को लेकर मानक तहत की है। यूनाइटेड नेशंस ने भी म्यांमार के सैन्य शासकों को प्रदर्शनकारियों पर खतरनाक हथियार का इस्तेमाल नहीं करने की सख्त हिदायद दी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार की सेना के खिलाफ ग्लोबल एक्शन शुरू होने जा रहा है।

फेसबुक ने जारी किया बयान
रिपोर्ट के अनुसार, तख्तापलट के विरोध में दो लोगों के मारे जाने के एक दिन बाद फेसबुक ने यह कदम उठाया है। फेसबुक ने एक बयान में कहा, हमारी वैश्विक नीतियों के अनुरूप, हमने अपने सामुदायिक मानकों के बार-बार उल्लंघन के लिए फेसबुक से पेज को हटा दिया है। सेना ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी जारी करने के लिए पेज का इस्तेमाल किया और अपने आरोपों का प्रसार किया कि नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) ने पिछले साल चुनाव में जीत दर्ज की थी।

कई शहरों में कर्फ्यू और इंटरनेट पर भी पाबंदी
आपको बता दे कि एक फरवरी को नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) की सरकार को अपदस्थ करके म्यांमार की सेना सत्ता पर काबिज हो गई। आंग सान सू की समेत देश के कई शीर्ष नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद से देश में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसको रोकने के प्रयास में कई शहरों में कर्फ्यू लगा दी गई है। इंटरनेट पर भी पाबंदी है।

कंटेंट पर भी लगाया था प्रतिबंध
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, म्यांमार की सेना ने लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नेता आंग सान सू ची और अन्य को हिरासत में लेने के बाद देश में एक साल के लिए आपातकाल लगा दिया। फेसबुक ने इस महीने की शुरुआत में म्यांमार की सेना द्वारा चलाए जा रहे कंटेंट और प्रोफाइल पर व्यापक प्रतिबंध लगाए थे ताकि गलत सूचना को रोका जा सके।

 

Shaitan Prajapat
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