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इनके लिए नीट जरूरी नहीं, चींटियां होती हैं जन्मजात ‘सर्जन’

शोधकर्ताओं ने कहा, इंसान के बाद ऑपरेशन की क्षमता रखने वाला दूसरा जीव

नई दिल्लीJul 04, 2024 / 01:17 am

ANUJ SHARMA

वॉशिंगटन. चींटियों के लिए आराम हराम है। वे हमेशा भागती-दौड़ती रहती हैं। उनकी गिनती सबसे समझदार जीवों में होती है। एक ताजा शोध में उनकी एक और खूबी का पता चला है। शोधकर्ताओं के मुताबिक कुछ चींटियां अपनी बीमार साथियों का इलाज करती हैं और जरूरत पडऩे पर उनकी ‘सर्जरी’ भी कर देती हैं। इंसान के बाद ‘सर्जरी’ की क्षमता रखने वाली वे एकमात्र जीव हैं। चींटियों में घावों की पहचान और उनके इलाज की क्षमता जन्मजात होती है।नेचर की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी की वुर्जबर्ग यूनिवर्सिटी में इकोलॉजिस्ट एरिक फ्रैंक की अगुवाई में हुआ शोध करंट बायोलॉजी जर्नल में छपा है। वैज्ञानिकों ने फ्लोरिडा (अमरीका) में चींटियों के अध्ययन के दौरान पाया कि ये अपनी घायल साथियों के घाव साफ करती हैं और खराब हो चुके अंगों को काट देती हैं। यह प्रक्रिया ठीक वैसी ही है, जैसे डॉक्टर किसी मरीज के खराब अंग को सर्जरी से निकाल देता है। ये चींटियां ‘कैम्पोनॉट्स फ्लोरिडंस’ प्रजाति की हैं।
एंटीमाइक्रोबियल पदार्थ के बगैर इलाज

शोध के मुख्य लेखक एरिक फ्रैंक का कहना है कि पिछले साल एक शोध में बताया गया था कि अफ्रीकी चींटियों की एक प्रजाति ‘मेगापोनेरा एनालिस’ अपनी ग्रंथियों में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल पदार्थ से साथी चींटियों के घाव ठीक करती हैं। फ्लोरिडा की चींटियों में ऐसी ग्रंथियां नहीं होतीं। इसलिए वैज्ञानिक जानना चाहते थे कि ये चींटियां अपनी साथियों में घावों से कैसे निपटती हैं।
शरीर के दूसरे किसी हिस्से को क्षति नहीं

शोधकर्ताओं के मुताबिक इंसान के बाद किसी अन्य जीव में अंग काटकर इलाज करने का यह पहला मामला है। चींटियां खराब अंग को इतने व्यवस्थित ढंग से काटती हैं कि शरीर के किसी दूसरे हिस्से को क्षति नहीं पहुंचती। शोध में पाया गया कि अंग काटने से पहले जिन चींटियों के बचने की उम्मीद 40 फीसदी से कम थी, सर्जरी के बाद यह 90 से 95 फीसदी तक बढ़ गई।

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