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खनिज विभाग के दो अधिकारियों को नोटिस

नीलामी की बजरी में रवन्ना बुक का दुरुपयोग का मामला

भीलवाड़ाJun 20, 2024 / 11:25 am

Suresh Jain

नीलामी की बजरी में रवन्ना बुक का दुरुपयोग का मामला

नीलामी की बजरी में रवन्ना बुक का दुरुपयोग का मामला

भीलवाड़ा खान एवं भू विज्ञान निदेशालय की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) कीर्ति राठौड़ ने बिजौलियां के खनिज अभियंता सत्यनारायण कुमावत एवं कनिष्ठ सहायक महेंद्र कुमार सेन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। दोनों पर मांडलगढ़ क्षेत्र में जब्त बजरी के नाम पर रवन्ना बुक जारी करने तथा बोलीदाता प्रभुलाल धाकड़ के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। माना जा रहा है कि बजरी के खेल में अधिकारियों की मिलीभगत है।
राजस्थान पत्रिका के एक मई के अंक में मिलीभगत का खेल…नदी-तालाबों की कोख खाली कर रहे बजरी माफिया शीर्षक से प्रकाशित समाचार के बाद खनिज विभाग ने अपने स्तर पर जांच कराई। इसमें दो अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।
कुमावत को नोटिस में बताया कि धाकड़ को जारी रवन्ना बुक में अनियमितता है। धाकड़ को प्रथम बार 2, 19 फरवरी को तथा 23 फरवरी को 5 रवन्न बुक दी। 9 अप्रेल को एक और रवन्ना बुक दी। तीसरी बार बुक जारी की तब पुरानी बुक व रवन्ना का स्टेटमेंट नहीं लिया। बजरी परिवहन ट्रैक्टर से किया या अन्य वाहन से इसकी रिपोर्ट नहीं ली। सीधे रवन्ना बुक जारी कर दी। इसके लिए कुमावत को जिम्मेदार माना।
खनिज अभियन्ता कोटा ने 26 फरवरी को पत्र के माध्यम से बिजौलिया खनिज अभियंता से पूछा था कि वाहन संख्या आरजे 06 जीसी 5800 के चालक ने रवन्ना संख्या 676777 पेश किया। वह बिजौलियां से जारी किया या नहीं। इसमें 40 टन बजरी थी। धाकड़ को ट्रैक्टर ट्रॉली से बजरी परिवहन के लिए रवन्ना दिए थे। कोटा से सूचना मिलने के बाद भी एक और रवन्ना बुक जारी कर दी। धाकड़ के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने के साथ संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कनिष्ठ सहायक महेन्द्र कुमार सेन ने नीलामी शर्त संख्या 6 के आधार पर धाकड़ को बजरी परिवहन की अनुमति 20 दिन की थी। जिसकी पालना नहीं करते हुए 58 दिनों तक परिवहन का समय दिया। कोटा से मिले पत्र के जवाब के लिए कोई नोटशीट पर आदेश न लेकर सीधे जवाब तैयार कर पूर्व खनिज अभियन्ता प्रकाश माली व सत्यनारायण कुमावत के हस्ताक्षर करवा भिजवा दिए। अनियमितता के बावजूद धाकड़ के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही नीलामी शर्त संख्या 11, 12, 13 एवं 14 की तथा बिंदु संख्या 18 की पालना नहीं करवाई गई। इसके लिए सेन को जिम्मेदार माना गया है।

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