गरीबों को पक्का आशियाना दिलाने में पूर्व सीएम व पूर्व पंचायत राजमंत्री के जिले से आगे हनुमानगढ़

Rakesh Kumar Goutam

Publish: Mar, 02 2019 02:27:02 PM (IST) | Updated: Mar, 02 2019 02:27:03 PM (IST)

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चूरू.

प्रधान मंत्री आवास योजना (पीएमएवाई ग्रामीण) के तहत गांवों में गरीबों को पक्का आवास दिलाने में पूर्व पंचायत राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ का जिला वित्तीय वर्ष 2018-19 में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के जिले से पिछड़ गया है। चूरू इस बार लुढ़कर 2३वें स्थान पर पहुंच गया। जबकि वर्ष 2017-18 में पीएमवाई आवासों के निर्माण में प्रदेश में पांचवे स्थान पर था और पूर्व सीएम का जिला झालावाड़ 27वें स्थान पर था।


ज्ञातव्य हो कि हनुमानगढ़ पिछले साल भी आवासों के निर्माण में पहले स्थान पर था और इस बार भी पहले स्थान पर बना हुआ है। इसी प्रकार नागौर जिला लगातार दूसरे साल भी दूसरे स्थान पर काबिज होने में सफल रहा है। वहीं करौली जिले की हालत सबसे खराब है। यहां अब तक केवल 11.33 प्रतिशत मकान पूरे हुए हैं। करौली पिछले साल भी 32वें स्थान पर था।


चूरू व सीकर की रैंकिंग लडख़ड़ाई


ज्ञातव्य हो कि दिसंबर 2017 की जारी रैंकिंग में आवासों के निर्माण में सीकर चौथे व चूरू पांचवे स्थान पर था। लेकिन इस बार दोनों जिले टॉप 15 में जगह नहीं बना सके। जबकि सीकर का कुल लक्ष्य 853 आवासों के निर्णाण कराने का था। लेकिन अब तक 54 प्रतिशत आवासों का निर्माण पूरा करा पाया है जो यहां के जिला परिषद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।

 

झुंझुनूं नहीं बनवा सका महज 88 आवास

चालू वित्तीय वर्ष में झुंझुनूं जिले को महज 88 आवासों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था लेकिन इतने भी आवास झुंझुनूं जिला परिषद प्रशासन पूरा नहीं करवा सका। यह यहां के अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। हालांकि टॉप टेन में स्थान बनाने में सफल रहा है। झुंझूनूं को सबसे कम लक्ष्य मिला था।

 

जानिए प्रदेश में पीएम आवास योजना की स्थिति


जिला -----आवास----- पूरे
हनुमानगढ़ ----4540 ---94.53
नागौर -----4683 -----90.31
श्रीगंगानगर ----7991 ----89.71
बांसवाड़ा ----14616 ----78.79
उदयपुर ------ 21128 ----78.22
अजमेर ------4658 -------76.99
झुंझुनूं ------88 ------76.14
राजसमंद ----2999 -----72.64
बीकानेर ------7932------ 72.07
प्रातपगढ़------ 9983------63.17
सिरोही ------2935 -------62.47
जोधपुर -----7153 -----61.14
जयपुर ----3178 -----58.53
कोटा -----2770------57.37
झालावाड़ ----6586 ----56.57
भरतपुर ------1788 ----55.99
भीलवाड़ा ----5689 ----55.46
सीकर -----853 -----54.87
बाड़मेर ---26792 -----54.82
बारां ------5606 -----53.58
तित्तौडग़ढ़----- 2698 ----53.21
अलवर -----1908 -----51.98
चूरू -----8210 -----49.98
पाली ------1813----- 49.33
दौसा -----311 ------48.22
जैसलमेर ----5888 -----47.29
डूंगरपुर ------22928 ----46.34
माधोपुर -----3406 -----44.21
जालौर -----7554 -----43.99
बूंदी ------5054 -------43.61
धौलपुर -----421 ------43.10
टोंक -------8612 -----33.59
करौली ------2433 -----11.33
टोटल -----213204----- 60.36
(फरवरी 2019 तक की स्थिति योजना के पोर्टल के मुताबिक)

'' कई महीनों से यहां पर सीईओ के नहीं होने व चुनावी कार्यों की व्यस्तता के कारण पीएम आवास योजना में लक्ष्य के मुताबिक काम नहीं हो पाए। इसकी वजह जिला इस बार काफी पीछे चला गया। दो दिन पहले ही उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया है। जल्द ही स्थिति में सुधार किया जाएगा।''
रामनिवास जाट, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, चूरू

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