scriptजांच पर सवाल: 2 दिन में 12 टीमों को 600 से ज्यादा स्कूलों की करनी है पड़ताल, जादू की छड़ी घुमाकर करेंगे जांच | Patrika News
समाचार

जांच पर सवाल: 2 दिन में 12 टीमों को 600 से ज्यादा स्कूलों की करनी है पड़ताल, जादू की छड़ी घुमाकर करेंगे जांच

कलेक्टर को दोबारा जारी करने पड़े निर्देश, क्योंकि अब तक एक भी जांच प्रतिवेदन उन तक नहीं पहुंचा सागर. जिले के निजी स्कूलों की जांच के लिए 12 दलों का गठन किया गया था। जिसमें प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के दल को निजी स्कूलों में फीस, डुप्लीकेट पुस्तक, लैब और खेल मैदान […]

सागरJun 28, 2024 / 08:15 pm

प्रवेंद्र तोमर

कलेक्टर को दोबारा जारी करने पड़े निर्देश, क्योंकि अब तक एक भी जांच प्रतिवेदन उन तक नहीं पहुंचा

सागर. जिले के निजी स्कूलों की जांच के लिए 12 दलों का गठन किया गया था। जिसमें प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के दल को निजी स्कूलों में फीस, डुप्लीकेट पुस्तक, लैब और खेल मैदान सहित अन्य बिंदुओं की जांच करनी थी, लेकिन 10 दिनों से स्कूलों में कोई टीम जांच के लिए नहीं पहुंची है। अब स्कूलों की जांच करने के लिए केवल 2 दिन का समय रह गया है। 3 दिनों में 600 अधिक स्कूलों की जांच अब ईमानदारी से संभव नहीं है। जिन स्कूलों की जांच हुई है उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कलेक्टर दीपक आर्य ने बुधवार को पुन: आदेश जारी कर 30 जून तक जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
नहीं किया प्रतिवेदन प्रस्तुत

कलेक्टर ने निर्देश में कहा है कि फर्जी व डुप्लीकेट आइएसबीएन नंबर पाठ्य पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस प्रकार की अनियमितताएं करने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। साथ ही शासन के निर्देशानुसार प्रतिवेदन प्रस्तुत करना था, लेकिन 27 जून तक कोई प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। आर्य ने 30 जून तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
अभिभावकों के लिए नंबर जारी

कलेक्टर ने स्कूल खुलने के बाद अभिभावकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। पुस्तकें, गणवेश, परिवहन, प्रवेश संबंधी शिकायत कोई भी अभिभावक डीइओ अरविंद कुमार जैन (9425452254), सहायक संचालक अनीता अहिरवार (8319212353) एवं जिला परियोजना समन्वयक अभय कुमार श्रीवास्तव (8959577222) से कर सकते हैं।
कलेक्टर को दोबारा जारी करने पड़े निर्देश, क्योंकि अब तक एक भी जांच प्रतिवेदन उन तक नहीं पहुंचा

सागर. जिले के निजी स्कूलों की जांच के लिए 12 दलों का गठन किया गया था। जिसमें प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के दल को निजी स्कूलों में फीस, डुप्लीकेट पुस्तक, लैब और खेल मैदान सहित अन्य बिंदुओं की जांच करनी थी, लेकिन 10 दिनों से स्कूलों में कोई टीम जांच के लिए नहीं पहुंची है। अब स्कूलों की जांच करने के लिए केवल 3 दिन का समय रह गया है। 3 दिनों में 600 अधिक स्कूलों की जांच अब ईमानदारी से संभव नहीं है। जिन स्कूलों की जांच हुई है उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कलेक्टर दीपक आर्य ने बुधवार को पुन: आदेश जारी कर 30 जून तक जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
नहीं किया प्रतिवेदन प्रस्तुत

कलेक्टर ने निर्देश में कहा है कि फर्जी व डुप्लीकेट आइएसबीएन नंबर पाठ्य पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस प्रकार की अनियमितताएं करने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। साथ ही शासन के निर्देशानुसार प्रतिवेदन प्रस्तुत करना था, लेकिन 27 जून तक कोई प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। आर्य ने 30 जून तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
20 दिन में जांचे मात्र 27 स्कूल

निजी स्कूलों की जांच न हो, शायद इसके लिए जिले के स्कूल शिक्षा विभाग के अफसर जांच में टालामटोली कर रहे हैं। जिले में 8 जून से अब तक मात्र 27 स्कूलों की ही पड़ताल हुई है। सूत्रों की माने तो इसमें भी टीम ने मात्र औपचारिकता ही पूरी की है। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन का कहना है कि स्कूल खुलने के कारण अन्य कार्य शुरू हो गए हैं, जिसके कारण टीमें नहीं पहुंच पाईं हैं। इस मामले में हैरानी की बात यह है कि शासन के निर्देश के बाद से प्रदेश के अन्य जिलों में फर्जीवाड़ा करने वाले स्कूलों पर शिकंजा कसा जा रहा है, लेकिन दुर्भाग्य कि जिले के अफसरों को अब तक किसी भी स्कूल में गड़बड़ी नहीं मिल पाई है और न ही उन्होंने कोई जानकारी सार्वजनिक की है।
जब स्कूल बंद थे, तब करते रहे जांचस्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की निजी स्कूलों से मिलीभगत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब स्कूल बंद थे, तब टीमें जांच के लिए स्कूल जाती रहीं, लेकिन जैसे ही स्कूल खुल गए तो अब विभाग के जिम्मेदार अफसर अन्य कार्य में व्यस्त होने का हवाला दे रहे हैं। बच्चों व अभिभावकों से भी स्कूल के बारे में जानकारी लेते तो रिपोर्ट और भी ज्यादा पुख्ता रहती। जिले में लगभग 720 निजी स्कूल हैं, जिनकी जांच 30 जून तक पूरी की जानी है।पोर्टल पर अपडेट नहीं की फीस की जानकारीविशेष अभियान चलाकर निजी स्कूलों में अनियमितताओं की जांच की जानी थी। जबलपुर में स्कूलों द्वारा फर्जी व डुप्लीकेट पाठ्य-पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात सामने आई थी। जिले के स्कूलों को भी फीस की जानकारी पोर्टल पर अपडेट करनी थी।
स्कूलों को 24 जून तक पोर्टल पर फीस स्ट्रक्चर और अन्य जानकारी अपलोड करने के लिए कहा गया था, लेकिन कुछ स्कूलों द्वारा ही पोर्टल पर जानकारी अपडेट की गई है।विभाग के अधिकारी नहीं दे रहे ध्यानजिले में सरकार के आदेश के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों में पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। 8 जून से निजी स्कूलों की जांच कराई जा रही है, लेकिन अब तक स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। शहर के ही अधिकांश सीबीएसई स्कूलों में जांच ही नहीं कराई गई। कलेक्टर द्वारा बनाई गई टीम अन्य कार्य का बहाना बनाकर स्कूलों की जांच के लिए नहीं पहुंच रही है।जांच के लिए बनाए थे 12 दलस्कूलों की जांच के लिए जिले के सभी 11 एसडीएम एवं सागर शहर में सिटी मजिस्ट्रेट के साथ स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों को लगाया गया था। सागर ग्रामीण में एसडीएम विजय डेहरिया के साथ अन्य 5 अफसर व सागर नगर में नगर दंडाधिकारी जूही गर्ग के साथ अन्य 5 अफसर की टीम बनाई थी। मालथौन ब्लॉक में एसडीएम खुरई रवीश श्रीवास्तव व अन्य दो अफसर हैं। बाकी सभी ब्लॉक में एसडीएम के साथ तीन-तीन अफसर शामिल थे।जांच तेजी से पूरी करेंगेस्कूल खुलने के बाद विभाग के अन्य कार्य शुरू हो गए हैं। इस वजह से जांच के लिए स्कूलों में टीम नहीं पहुंच पा रही है। जल्द ही जांच को आगे बढ़ाएंगे। – अरविंद जैन, जिला शिक्षा अधिकारी

Hindi News/ News Bulletin / जांच पर सवाल: 2 दिन में 12 टीमों को 600 से ज्यादा स्कूलों की करनी है पड़ताल, जादू की छड़ी घुमाकर करेंगे जांच

ट्रेंडिंग वीडियो