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Studene news. चुनाव के बाद आया फैसला… कृषि छात्रों को अध्ययन यात्रा पर विदेश भेजने वाली योजना बंद

चुनावी सीजन खतम होने के बाद छात्रों के लिए बेहद निराशाजनक फैसला आया है। छात्रों को अब विदेश भेजने वाली योजना को बंद कर दिया गया…

ग्वालियरJun 07, 2024 / 06:02 pm

रिज़वान खान

Studene news चुनावी सीजन खतम होने के बाद छात्रों के लिए बेहद निराशाजनक फैसला आया है। छात्रों को अब विदेश भेजने वाली योजना को बंद कर दिया गया

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Studene news. चुनावी सीजन खतम होने के बाद छात्रों के लिए बेहद निराशाजनक फैसला आया है। छात्रों को अब विदेश भेजने वाली योजना को बंद कर दिया गया है। कृषि छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने और नई तकनीक सीखने के लिए विदेश जाने का मौका नाहेप प्रोजेक्ट द्वारा दिया गया था। चार साल में राजमाता विजयाराजे ङ्क्षसधिया कृषि विश्वविद्यालय के 107 छात्रों को विदेश भेजा गया। लेकिन माना जा रहा है कि वहां से कृषि उद्यमिता की बारीकी सीखकर लौटे यह छात्र देश में कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं कर पाए। इसलिए उन्हें विदेश भेजना बंद किया गया है।
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कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली और वर्ल्ड बैंक द्वारा नेशनल एग्रीकल्चर हायर एजुकेशन प्रोजेक्ट को 2020 में राजमाता विजयाराजे ङ्क्षसधिया विश्वविद्यालय को दिया गया। 25 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को दोनों संस्थान ने बच्चों को भेजा। यह प्रोजेक्ट दो साल के लिए था। लेकिन कोरोना काल के चलते छात्र नहीं जा पाए थे। इसी को देखते हुए दो साल और बढ़ा दिए गए। अब यह प्रोजेक्ट बंद हो गया है। अगर प्रोजेक्ट आगे और बढ़ जाएंगे तो छात्रों को विदेश जाने का मौका फिर से मिल सकता है।
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पांच कॉलेजों के छात्रों को 15 दिन

विश्वविद्यालय के प्रदेश में पांच कॉलेज ग्वालियर, खंडवा, इंदौर, सीहोर और मंदसौर में हैं। इनमें अच्छे छात्रों का चयन मैरिट के आधार पर चयन करके विदेश भेजा गया।इससे छात्रों को अच्छे जॉब भी मिले। निदेशक डॉ वायपी सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट खत्म होने के कारण इसे बंद किया गया।

प्रोजेक्ट खत्म हो गया

यह प्रोजेक्ट दो साल का था। जिसे बढ़ाकर चार साल कर दिया गया था। इस दौरान विदेश जाने के बाद छात्रों ने अपना कैरियर संभाला है। इसके साथ ही कुछ छात्र अच्छे जॉब में भी गए हैं।
डॉ वायपी सिंह, निदेशक विस्तार सेवाएं

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