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तमिलनाडु शराब त्रासदी: आसान नहीं था अस्पताल में अपनों को दम तोड़ते हुए देखना

Kallakurichi Illicit Liquor Deaths

चेन्नईJun 21, 2024 / 02:50 pm

PURUSHOTTAM REDDY

Kallakurichi Illicit Liquor Deaths

कल्लकुरिची. जिले के करुणापुरम गांव में अवैध शराब पीने से गुरुवार दोपहर तक 37 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा 82 अन्य लोग गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना के कारण गांव में चारों तरफ गमगीन माहौल पैदा हो गया है।

इस घटना में जान गंवाने वाले आर. सुरेश और एस. वदिवु नामक दंपती की एस. कोकिला नामक 16 साल की किशोर बेटी ने कहा कि 18 जून को मेरे पिता शराब पी रहे थे और किसी बात को लेकर उनके और मां के बीच झगड़ा हो रहा था। शराब पीने के बाद पिता ने शराब के पैकेट में कुछ दारू छोड़ दी। बाद में मां ने उसे अजवायन का पानी समझकर पी लिया। इसके कुछ समय बाद ही दोनों बीमार पड़ गए। उनकी हालत को देखते हुए हम उन्हें कल्लकुरिची जीएच ले गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सके। उनकी मृत्यु से हम अनाथ हो गए।

बर्बाद हो गई मेरे छोटे-छोटे पोतों की जिंदगी
आर. सुरेश की तरह ही गांव के जी. प्रवीण कुमार की इस अवैध शराब को पीने की वजह से मौत हो गई। उसकी पत्नी भी चार साल पहले परिवार छोड़कर चली गई थी। प्रवीण के मरने से 7 व 5 साल के उसके दो बेटे अनाथ और बेघर हो गए। नाम न छपाने की शर्त पर प्रवीण की 65 वर्षीय मां ने बताया कि प्रवीण की मौत से दोनों बच्चे अकेले हो गए। उनकी मां पहले ही घर छोड़कर जा चुकी है। मेरे पोतों के लिए बहुत बुरा समय है। सरकार से मदद गुहार लगा रही हूं।

गांव से कुछ दूरी पर स्थित कल्लकुरिची सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सुरक्षाकर्मी के रूप में काम करने वाली एस. तमिलरासी ने बताया कि दिहाड़ी मज़दूरी करने वाले मेरे पिता नियमित रूप से शराब पीते थे। आदत के कारण उन्होंने 19 जून को सुबह-सुबह शराब पी ली। शराब पीने की वजह से जब उनकी तबियत बिगड़ने लगी तो पहले हम उन्हें कल्लकुरिची जीएच ले गए। वहां सुधार नहीं होने पर उन्हें बाद में पुदुचेरी के जिपमेर ले जाया गया जहां शाम 4 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेरे पिताजी मुझसे बहुत प्यार करते थे। अपने अंतिम समय में भी वे मेरा हाथ पकड़े हुए थे। अस्पताल में काम करने के कारण मैं आए दिन लोगों को मरते हुए देखती हूं, अपने ही पिता का शव देखना मेरे लिए आसान नहीं था। गौरतलब है कि 20 जून तक इस घटना में 15 वर्ष से कम आयु के कम से कम पांच बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया।

कोकिला के 15 वर्षीय भाई एस. हरीश ने कहा कि यह सब कुछ केवल शराब की वजह से हुआ है। पहले मेरे पिता ने शराब पी। उसके बाद बची हुई शराब को मेरी मां ने पानी समझ कर पी लिया और दोनों की मौत हो गई। हमारे सर से मां और बाप दोनों का साया उठ गया। अब हमें अपने सर पर छत और अपनी पढ़ाई की चिंता सता रही है। हम कहां रहेंगे, क्या खाएंगे और अब हमें पढ़ाएगा कौन? मैं सरकार से रहने के लिए एक घर और पढ़ाई का खर्चा उठाने की मदद चाहता हूं। इसके अलावा मेरी सबसे बड़ी मांग यह है कि सरकार को पूरे प्रदेश में शराब की बिक्री बंद कर देनी चाहिए, ताकि हमारी तरह किसी और का घर न उजड़े। शराब की वजह से किसी और बच्चे को अनाथ न होना पड़े। गौरतलब है कि हरीश के परिवार में बहन के अलावा एक बूढ़ी दादी और एक छोटा भाई भी है।

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