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हुरड़ा तहसील में बनेगा टेक्सटाइल हब, हजारों को मिलेगा रोजगार

भीलवाड़ा जिले के हुरड़ा तहसील में 214 हैक्टेयर जमीन औद्योगिक क्षेत्र के लिए मिलने के बाद एक बार फिर से टेक्सटाइल पार्क की उम्मीद जगी है।

भीलवाड़ाJun 16, 2024 / 12:25 pm

Suresh Jain

भीलवाड़ा में टेक्सटाइल पार्क की फिर जगी उम्मीद

भीलवाड़ा में टेक्सटाइल पार्क की फिर जगी उम्मीद

भीलवाड़ा जिले के हुरड़ा तहसील में 214 हैक्टेयर जमीन औद्योगिक क्षेत्र के लिए मिलने के बाद एक बार फिर से टेक्सटाइल पार्क की उम्मीद जगी है। इस जमीन को टेक्सटाइल पार्क के लिए आरक्षित रखने के लिए सभी प्रयास कर रहे थे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह जमीन रीको को औद्योगिक विकास के लिए स्वीकृति दी। केंद्र सरकार की योजना के आधार पर टेक्सटाइल पार्क के लिए प्रस्ताव मांगा जाता है तो यह जमीन पर्याप्त है। इससे टेक्सटाइल को पंख लग जाएंगे। हुरड़ा क्षेत्र का विकास होने के साथ 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
मेवाड़ चैम्बर के महासचिव आरके जैन के अनुसार टेक्सटाइल पार्क स्वीकृति मिलने से कम से कम 6 लाख नए स्पिंडल स्पिनिंग मिल में लग सकते हैं। इससे धागे का उत्पादन बढ़ेगा। 8 से 10 डेनिम प्लांट व प्रोसेस हाउस नए लगेंगे। रेडिमेड गारमेंट क्लस्टर के लिए मल्टी स्टोरी बनाने पर 12 लाख पीस प्रति माह का उत्पादन करने वाले उद्योग बढ़ने के साथ इनका उत्पादन करोडों पीस में पहुंच सकता है। रेडिमेड गारमेंट सेक्टर में 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
तो राज्य विकसित करेगा पार्क

रीको के प्रबंध निदेशक शिवप्रसाद एम नकाते ने कहा कि भीलवाडा का टेक्सटाइल क्षेत्र काफी आगे बढ़ गया है। अब वेल्यू एडिशन के लिए उद्योगों को गारमेंट क्षेत्र में विस्तार करना होगा। रीको की ओर से रूपाहेली क्षेत्र की भूमि अवाप्ति के प्रयास हैं। इस पर टेक्सटाइल पार्क ही विकसित किया जाएगा। केंद्र से पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क की स्वीकृति प्राप्त होती है तो उस रूप में अन्यथा रीको एवं उद्योगों के सहयोग से एसपीवी बनाकर राज्य स्तर पर टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जाएगा।
बाहर चले गए उद्योग

जिले में जमीन का अभाव तथा टेक्सटाइल पार्क के विकसित नहीं होने से औद्योगिक विकास रूक गया। जमीन के अभाव में बड़े औद्योगिक घराने को चित्तौड़गढ़ जिले में स्पिनिंग मिल लगानी पड़ी। डेनिम उत्पादकों को भीलवाड़ा से मध्यप्रदेश जाना पड़ा। कई उद्यमियों ने विस्तार भीलवाड़ा में न कर गुजरात में किया। एक उद्यमी ने तो टेक्नीकल टेक्सटाइल उद्योग गुजरात में लगाया।
यहां मिली जमीन

सीएम ने मेमू फैक्ट्री के लिए आरक्षित रूपाहेली, चतरपुरा, सुल्तानपुरा व बड़ला की 1292 बीघा 14 बिस्वा जमीन में से 214 हैक्टेयर रीको को देने को मंजूरी दी। रेल-रोड़ से जुडा़ है। उदयपुर-किशनगढ़ एयरपोर्ट पास है।
110 करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन

भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग का सालाना टर्न ओवर 30 हजार करोड़ है। यहां देश के कई बड़ेकपड़ा उद्योग समूह है। यहां की इकाइयों में सालाना 80 करोड़ मीटर कपड़ा और 30 करोड़ मीटर डेनिम का उत्पादन हो रहा है। यहां हर साल 4.50 लाख टन यार्न बन रहा है, जो देश में सबसे ज्यादा है। जिले में 16 हजार 500 लूम है, जो कि दुुनिया की लेटेस्ट तकनीक की है। यहां स्पिनिंग और वीविंग उद्योग में अत्याधुनिक मशीनें लगी हुई है।
सांसद की पहल

रूपाहेली में मेमू फैक्ट्री के लिए आरक्षित भूमि को टेक्सटाइल पार्क के लिए रीको के माध्यम से आवंटित किए जाने का प्रस्ताव सांसद दामोदर अग्रवाल की पहल पर साकार रूप लेने की दिशा में है। लोकसभा मीडिया प्रभारी विनोद झुरानी ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल से सांसद की वार्ता के अनुसार टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि सुगम सड़क राजमार्ग के समीप व रेलवे परिवहन एवं भीलवाड़ा से दूरी की दृष्टि से टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के लिए उपयुक्त है।

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