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कॉलोनी काटने के लिए सरकारी नाले को कर दिया बंद, कैसे निकलेगा बारिश का पानी

कॉलोनाईजर ने नाले को ही बंद कर दिया

झालावाड़Jun 03, 2024 / 11:32 am

harisingh gurjar

Encroachment News

कॉलोनाईजर ने नाले को ही बंद कर दिया

– शहर में नियम विरूद्ध काटी जा रही कॉलोनियां

शहर की प्राकृतिक जगह गांवडी तालाब के ऊपर जंगल का पानी निकासी के लिए सरकारी नाला बना हुआ था। नाला रोड के नीचे निकल रहा, उसमें बड़े पाइप लगे हुए है। लेकिन एक कॉलोनाईजर ने नाले को ही बंद कर दिया है। ऐसे में अब बारिश का पानी कहां निकलेगा। बारिश का पानी अगर तालाब में नहीं जाएगा, तो पास में केवीके के बाग की दीवार को क्षति पहुंचाएगा। हालांकि तहसीलदार ने कॉलोनाईजर को नोटिस दिया है,लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इधर भी नजर इनायत करें प्रशासन-

शहर में अवैधानिक रूप से विकसित हो चुकी अनेक अवैध कालोनियों में रहने वाले कॉलोनीवासी इन दिनों रोड, नाली नहीं होने व पार्क आदि नहीं होने की परेशानी उठा रहे हैं। शहर में मात्र दो-चार कालोनीयों को ही नगर परिषद ने वैधता प्रदान कर रखी, बाकी शहर में करीब 35 ऐसी छोटी-मोटी कालोनियां हैं जिनके पास कालोनी संबंधित वैध अनुमति तक नहीं है। इनके खिलाफ भी अगर प्रशासन कार्रवाई करें तो लोगों को सुविधाएं मिले तथा प्रशासन को भी राजस्व।
बिना मास्टर प्लान के काट रहे-

शहर में जितनी भी कॉलोनियां काटी गई, वे बिना मास्टर प्लान और नियमविरुद्ध काटी जा रही है, ऐसे में कृषि भूखंड खरीदने वाले लोगों को अब बिजली के कनेक्शन के लिए डिस्कॉम में हजारों रुपए की डिमांड राशि जमा करानी पड़ेगी। सस्ते और कम दाम के चक्कर में लोगों के बहकावे में आकर कॉलोनाइजर को लाखों रुपए अदा किए, लेकिन उनसे कॉलोनी में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में कोई पूछताछ नहीं की। ऐसे में अब हाल यह है कि अपने रजिस्ट्रीशुदा प्लॉट पर बिजली कनेक्शन के लिए डिस्कॉम की ओर से उसे हजारों रुपए का डिमांड नोटिस थमाया जाएगा,जबकि भूखंड खरीदने से पहले अगर कॉलोनाइजर निगम और जलदाय विभाग में आवेदन कर कॉलोनी में संबंधित नेटवर्क डवलप शुल्क अदा करता तो विक्रताओं को परेशानी नहीं हो। इतना ही नहीं नई काटी जा रही कॉलोनियों में पार्क व घूमने के लिए कोई जगह नहीं बनाई जा रही है। ऐसे में भविष्य में बच्चे व बुजुर्गों के लिए घूमने का कोई स्थान नहीं होगा।नए नियम के अनुसार नगर निकाय किसी भी भूमि के लिए 90ए की कार्रवाई मास्टर प्लान के अनुसार ही कर सकेगी। किसी भी शहरी क्षेत्र में कृषि भूमि पर बिना 90ए के भूखंड नहीं बेचे जा सकते हैं।
12.5 फीसदी हिस्सा निकायों के पास रहता है.

कोई भी कॉलोनाइजर कृषि भूमि पर प्लॉटिंग करता है तो इसके लिए उसे उस भूमि में सड़क,सीवरेज, बिजली व पानी,पार्क समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं नहीं देने तक 12.5 प्रतिशत हिस्सा नगर निकायों के अधीन रहता है। सभी सुविधाएं देने के बाद ये हिस्सा रिलीज किया जाता है। इन क्षेत्रों में काट रही कॉलोनियां- कोटा रोड पर दोनों ओर, गोपालपुरा, वृदांवन, खानपुर रोड, धनवाड़ा, खंडिया तालाब के नीचे, गागरोन रोड, रेलवे पुल के पास, हल्दी घाटी रोड, पशुचिकित्सालय के पीछे, खंडिया तालाब के आस-पास,डीटीओ ऑफि के पास सहित करीब 30-40 कॉलोनी झालावाड़ में व झालरापाटन में भी इतनी ही कॉलोनी काटी जा रही है।
खोलने के लिए बोल दिया-

नाला सरकारी है उसे खोलने के लिए तहसीलदार को बोला गया है। उन्होंने कार्रवाई की होगी। जमीन तो खातेदारी की है।मिट्टी निकलवाएंगे। संतोष मीणा, उपखंड अधिकारी, झालावाड।

सीमाज्ञान करवाएंगे-
गांवडी तालाब के ऊपर नाले को बंद किया है उसका सीमाज्ञान करवाएंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। शहर में जितनी भी नियम विरूद्ध कॉलोनियां काटी जा रही है उनके खिलाफ 4जून के बाद कार्रवार्र करेंगे। कॉलोनी काटी जाती है तो उसमें मास्टर प्लान के अनुसार लोगों को पार्क आदि की सुविधा मिलनी चाहिए।
नरेन्द्र कुमार मीणा,नगर परिषद आयुक्त एवं तहसीलदार।

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