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नियम 8 मरीजों पर एक का यहां 40 मरीजों के लिए भी नहीं नर्सिंग स्टाफ

सागर. मरीजों को ज्यादा सुविधाएं देने सीएम स्वास्थ्य विभाग में नए पद स्वीकृत करने की घोषणाएं कर रहे हैं इधर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में जो पद पूर्व से स्वीकृत हैं वे भी नहीं भरे जा रहे। बीएमसी में मरीजों के हिसाब से टेक्नीशियन व असिस्टेंट से लेकर नर्सिंग स्टाफ की स्थिति दयनीय है। जिससे अस्पताल […]

सागरJun 16, 2024 / 12:12 pm

Murari Soni

kharrate treatment in bmc

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सागर. मरीजों को ज्यादा सुविधाएं देने सीएम स्वास्थ्य विभाग में नए पद स्वीकृत करने की घोषणाएं कर रहे हैं इधर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में जो पद पूर्व से स्वीकृत हैं वे भी नहीं भरे जा रहे। बीएमसी में मरीजों के हिसाब से टेक्नीशियन व असिस्टेंट से लेकर नर्सिंग स्टाफ की स्थिति दयनीय है। जिससे अस्पताल में मरीजों की केयर ठीक से हो रही है और ना ही डॉक्टरों को सपोर्ट मिल रहा है। पर्याप्त स्टाफ न होने से एनएमसी की गाइडलाइन का पालन भी नहीं हो पा रहा है।बीएमसी में टेक्नीशियन, असिस्टेंट के करीब 40 पद खाली बने हुए हैं। वहीं नर्सिंग स्टाफ के भी 125 पद खाली बने हुए हैं। सीनियर नर्सिंग ऑफिसर की स्थिती तो और खराब है जहां 56 में से मात्र एक नर्सिंग ऑफिसर हैं और 30 जून को वो भी रिटायर्ड हो रहीं हैं। यह हालात आज के नहीं बल्कि वर्षों से हैं। इसका खामियाजा क्षेत्र के मरीजों को भुगतना पड़ता है। मरीजों के इलाज में लापरवाही बढ़ीं हैं। कई आरोप भी लगाए जाते हैं। वहीं दूसरी नर्सिंग कॉलेज की 4 बेच की करीब 400-500 छात्राएं अस्पताल की व्यवस्थाएं संभाल रहीं हैं। छात्राओं को वार्डों में प्रैक्टिकल कराने के नाम पर मरीजों की पूरी देखरेख कराई जा रही है।

गाइडलाइन की उड़ रहीं धज्ज्यिां-

1. जनरल वार्ड 8 मरीजों पर एक नर्सिंग स्टाफ होना चाहिए जो कि 30-40 मरीजों पर एक है।

2. आइसीयू-पीआइसीयू में 3 मरीजों पर एक नर्सिंग स्टाफ की गाइडलाइन लेकिन 15 पर एक है।
3. क्रिटिकल केयर में प्रत्येक मरीज के लिए 1 नर्सिंग स्टाफ हो लेकिन 10 मरीजों पर एक है।

2015 से नहीं हुईं नर्सिंग स्टाफ की भर्तियां-

बीएमसी में 2015 से नर्सिंग स्टाफ की भर्तियां नहीं हुईं हैं। 2019 में नर्सिंग स्टाफ प्रमोशन के 55 पद पर भर्तियां निकालीं गईं तो बीएमसी के ही कुछ स्टाफ ने हाईकोर्ट में याचिका लगा दी थी। प्रमोशन के पदों के साथ-साथ अब 100 नए पदों पर भी स्टे है। 10-12 नर्सिंग स्टाफ नर्सिंग कॉलेज में ट्यूटर बना हुआ है। जो प्राचार्य, प्राध्यापक का कार्य संभाल रहे हैं।

नर्सिंग छात्राएं संभाल रहीं जिम्मेदारी का बोझ-

बीएमसी में 2018 से संचालित नर्सिंग कॉलेज में सीटों की संख्या 30 थी जो बढकऱ पहले 60 और 2022-23 में 120 हो गई है। एमएससी नर्सिंग की सीटें भी 20 हैं। नर्सिंग कॉलेज के 4 बैच की 400-500 छात्राएं बीएमसी में कार्य कर रहीं हैं। इनका काम सिर्फ लर्निंग और प्रेक्टिकल का है लेकिन नर्सिंग स्टाफ ने इनको मानो पूरी जिम्मेदारी दे रखी है। वार्डों में यही छात्राएं दिख रहीं हैं और मरीजों को लगता है नर्सिंग स्टाफ मौजूद है।

फैक्ट फाइल-

330 नर्सिंग स्टाफ के पद स्वीकृत हैं।

205 नर्सिंग स्टाफ मौजूद

56 सीनियर नर्सिंग ऑफिसर के पद स्वीकृत।

1 सीनियर नर्सिंग ऑफिसर मौजूद।

40 नर्सिंग स्टाफ प्रतिदिन औसत छुट्टी पर रहता है

टेक्निशन, असिस्टेंट के 40 पद खाली-

पद स्वीकृत खालीलैब टेक्नीशियन 39 8डेंटल टेक्नीशियन 2 2डार्क रूम असिस्टेंट 5 3लैब अटेंडेंट 31 17रेडियोग्राफर 10 4रेडियोथेरेपी टेक्नीशियन 7 6-नर्सिंग स्टाफ की भर्तियां न होने के कारण इस तरह की स्थिति बनी है। लेकिन हमारे सकारात्मक प्रयास चल रहे हैं। जल्द ही व्यवस्थाएं कर दी जाएंगी। अभी मुझे यहां आए कुछ ही दिन हुए हैं और मैंने इस संबंध में कई कदम उठाए हैं, जिनका रिजल्ट जल्द ही देखने मिलेगा।
डॉ. पीएस ठाकुर डीन बीएमसी।

-भर्तियां न होने से लंबे समय से नर्सिंग स्टाफ की कमी है, लेकिन नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं पूरा सहयोग करतीं हैं। हम वार्डों में व्यवस्थाएं बनाए हुए हैं।
गुलाब साहू, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर।

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