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पर्यटकों को लुभाने भाव-विभोर होकर कहानियां सुनाएंगे गाडइ

Trains will narrate emotional stories to attract tourists

टीकमगढ़Jun 21, 2024 / 11:50 am

anil rawat

ओरछा। कार्यशाला में उपस्थित गाइड।

ओरछा। कार्यशाला में उपस्थित गाइड।

पर्यटन विभाग द्वारा गाइडों को दिया जा रहा प्रशिक्षण, स्टोरी टेलर बता रहे तरीका

टीकमगढ़/ओरछा. पर्यटकों को लुभाने और पर्यटन स्थल से उनका भावनात्मक जुड़ाव कराने के लिए अब गाइड उन्हें भाव-विभोर होकर उस स्थान से जुड़ी हुई कहानियां सुनाएंगे। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग अब लाइसेंस धारक गाइड को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए कहानी सुनाने वाले कथा विशेषज्ञ एवं चित्रकार ओरछा पहुंचे है। प्रदेश में पर्यटन महत्व के चार जिलों के गाइड को यहां प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
देश का दिल कहे जाने वाला मध्य प्रदेश पर्यटकों का गेट-वे कहा जाता है। यहां पर आने वाले पर्यटक न केवल यहां के समृद्धशाली, गौरवपूर्ण इतिहास, लोक परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक, कला, प्राकृतिक समृद्धि के बारे में जाने बल्कि उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ कर पर्यटन को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो, इसके लिए पर्यटन विभाग ने अब यहां से जुड़ी ऐतिहासिक कहानियों का उपयोग करेगा। इसके लिए विभाग स्थानीय स्तर पर काम करने वाले गाइडों की मदद लेगा। बाहर से आने वाले पर्यटक सबसे पहले गाइड के संपर्क में आते है। ऐसे में पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने अब गाइडों को अपने-अपने क्षेत्र के पर्यटन से जुड़ी कहानियों को सुनाने के लिए ट्रेंड करने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए ओरछा में तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू की गई है। इस कार्यशाला में ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर और ओरछा के 25 राज्य स्तरीय एवं स्थानीय गाइड शामिल किए गए है। विभाग द्वारा पहली बार इस प्रकार का प्रयास किया जा रहा है।
कहानी में डूबे, ताकि पर्यटक जाने मर्म
पर्यटन विभाग द्वारा यहां पर गाइडों को कहानी सुनाने की विद्या में पारंगत करने के लिए स्टोर टेलर एवं चित्रकार भारती दीक्षित को पहुंचाया गया है। भारती दीक्षित गाइड को बता रही है कि किस प्रकार से अपने क्षेत्र की कहानी को मार्मिक एवं ऐतिहासिकता समेटे हुए प्रस्तुत करनी है। वह गाइड को कहानी सुनाने के साथ ही सुनाते समय चेहरे पर आने वाली भाव-भंगिमाओं के बारे में भी बता रही है ताकि पर्यटक उसके प्रति आकर्षक होकर उससे जुड़े और यह कहानी दूसरे पर्यटकों को यहां पहुंचाने का जरिया बने।
गाइड के कार्ड पर होगा क्यूआर कोड
कार्यशाला में डीएटीसीसी के गाइड शाखा प्रभारी वरूण बडेरिया ने बताया कि अब पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन स्थल पर काम करने वाले लाइसेंस धारक गाइड को दिए जाने वाले कार्ड पर क्यूआर कोड भी अंकित किया जाएगा। इस क्यूआर कोड ने पर्यटन न केवल गाइड के बारे में पर्यटन विभाग की बेवसाइट से पता कर सकेंगे, बल्कि वह विभाग को गाइड के बारे में रेटिंग देने के साथ ही उनके वाद-व्यवहार के बारे में अपनी राय भी दे सकेंगे। विभाग यह कदम विदेशी पर्यटकों की सुविधा के साथ ही गाइडों के वाद-व्यवहार में सुधार लाने के लिए कर रहा, ताकि पर्यटक यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं।

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