#Varanasistampede जयगुरुदेव संस्था FIR  से लाल, घटना के कारण गिनाए 

Bhanu Pratap

Publish: Oct, 18 2016 11:00:00 (IST)

Agra, Uttar Pradesh, India
 #Varanasistampede जयगुरुदेव संस्था FIR  से लाल, घटना के कारण गिनाए 

15 अक्टूबर को वाराणसी के रामनगर इलाके में सत्संग समागम के दौरान निकली शोभायात्रा में मची भगदड़ में 25 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।

आगरा। पुलिस द्वारा आयोजकों के विरुद्ध दर्ज की गई प्राथमिकी के सम्बन्ध में जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था ने इसे प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों से मुँह मोड़ने और उत्तरदायित्वों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश करार दिया है। यह कार्यवाही मरे हुओं को और मारने जैसी है। 


भगदड़ में 25 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी
बता दें कि 15 अक्टूबर को वाराणसी के रामनगर इलाके में सत्संग समागम के दौरान निकली शोभायात्रा में मची भगदड़ में 25 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। प्रशासन ने जयगुरुदेव आश्रम के प्रबंधक समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया है।  इस घटना के बाद पहली बार बाबा जयगुरुदेव संस्था ने आधिकारिक बयान जारी किया है।


अव्यवस्थित ट्रैफिक से मार्ग अवरुद्ध हो गया था
संस्था की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जो प्रशासनिक अमला आयोजकों के ऊपर बढ़ी हुई भीड़ को घटना का कारण कहकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री मान ले रहा है, उसे यह भी अन्तर्मन से स्वीकार करना चाहिये कि घटना का मुख्य कारण क्या है? बढ़ी हुई भीड़ से शहर में कानून और व्यवस्था की कोई स्थिति नहीं पैदा हुई। अनुशासित शोभा यात्री अपनी यात्रा को निर्विघ्न सम्पन्न कर रहे थे। राजघाट पुल पर दोनों तरफ से वाहनों की कई लाइनें चलने के कारण और अव्यवस्थित मोटर साइकिलों के आवागमन से मार्ग पूर्णतः अवरुद्ध हो गया। 


घायलों पर बाइकें चढ़ा दी, पुलिस ने लाठीचार्ज किया
यह भी दृश्टव्य है कि संस्था ने यातायात नियन्त्रण के लिये छत्तीस स्थान नियत किये थे। उन जगहों पर प्रशिक्षित सेवादारों की टोलियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। पुल पर जाम की स्थिति बन जाने पर पुल पर तैनात यातायात नियन्त्रक सेवादारों ने प्रातः 11 बजे से पुल के पहले से ही भीड़ को वापस लौटाना शुरू कर दिया था, जिसके लिये बराबर उद्घोषणा भी की जा रही थी। घायलों के बयान यह भी बताते हैं कि यात्रियों पर मोटरसाइकिलें चढ़ा दी गईं। दम घुटने (सफोकेशन) से भी कई जानें गई। अपने बेहोश होकर गिरते साथियों को उठाते सत्संगियों पर वहां उपस्थित दो-तीन पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया। डण्डों की पिटाई के डर व पुल टूटने की अफवाह से भगदड़ मची। स्थिति नियन्त्रण से बाहर होते देख वे पुलिसकर्मी जूते खोलकर पुल की रेलिंग पर चढ़कर अपनी जान बचाकर भागे। 


यातायात प्रतिबंधित क्यों नहीं किया
संस्था का यह भी कहना है कि कुछ दिन पूर्व ही एक धार्मिक पर्व के मौके पर राजघाट पुल पर वाहनों का आना जाना बिलकुल प्रतिबन्धित कर दिया गया था। यात्रा की पूर्व संध्या पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में संस्था के प्रतिनिधि ने यात्रा की सुगमता एवं निर्विघ्न सम्पन्नता के लिये एकल मार्ग निर्धारित करने का निवेदन किया था, जिस पर प्रशासन ने गम्भीरता से निर्णय नहीं लिया। 


पाप लगाने वाली बात नहीं कही
संस्था ने इस बात का भी खण्डन किया है कि संस्थाध्यक्ष पंकज जी महाराज ने पदयात्रा में भाग न लेने पर पाप लगेगा,  इस तरह का कोई वक्तव्य नहीं दिया। वे इस तरह के वक्तव्य कभी नहीं देते। 

प्रशासन पर उठाए सवाल
संस्था कहना है कि यह धार्मिक देश की भक्ति, परम्परा एवं श्रद्धा और आस्था का सैलाब था,  जो अपनी गुरुभक्ति की भावना से सत्संग सुनने, शाकाहार-सदाचार मद्यनिषेध, पर्यावरण प्रदूषण मुक्ति के लिये जनजागरण हेतु संदेश देने, गंगा दर्शन, बाबा विश्वनाथ बम भोले की मोक्षदायिनी काशी नगरी के दर्शनार्थ एकत्रित हुआ। क्या बाबा बम भोले के दर्शनार्थ, पूजनार्थ आने वाले कांवड़ियों की संख्या प्रशासन को ज्ञात रहती है जो हाईवे की एक लेन खाली करा दी जाती है? क्या राजनीतिक रैलियों में आने वालों की तादात का कोई आंकड़ा पहले से पता रहता है। यह महामानव संगम एक धार्मिक आयोजन था। यह किसी प्रदर्शन, मांग या राजनीतिक उद्देश्यों अथवा हितों से प्रेरित कार्यक्रम नहीं था।


दोनों जिलों से अनुमति ली थी
संस्था ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयोजन परिसर वाराणसी और चन्दौली दोनों जिला क्षेत्रों में फैला था। कटेसर गांव चन्दौली में जबकि डोमरी गांव वाराणसी में पड़ता है, इसलिये दोनों जिलों के अधिकारियों से आयोजन की अनुमति ली गई थी। यह कोई षड्यंत्र नहीं, कानून और व्यवस्था का परिपालन था। इससे संस्था को क्या आर्थिक या अन्य किसी दूसरे प्रकार का लाभ मिलता? 


वाराणसी की संस्थाओं का आभार जताया
जयगुरुदेव आध्यात्मिक सत्संग महामानव संगम के प्रवक्ता बाबूराम ने कहा कि वाराणसी के विभिन्न संगठनों, अनेक राजनैतिक दलों, छात्रों, विद्यालय परिवारों आदि के द्वारा मानवीय संवेदना व्यक्त कर हमारी संस्था के निष्ठावान, समर्पित अनुयायियों के दुःखद निधन पर शोक संवेदनाएं और श्रद्धांजलि अर्पित की। घायलों से मिलकर उन्हें सांत्वना देने और रक्तदान कर मदद करने का मानवीय फर्ज निभाया। दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मंत्र जाप, कैण्डिल जलाकर प्रार्थना की। संस्था सबका हार्दिक आभार व्यक्त करती है। 

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